गावां (गिरिडीह) : लॉकडाउन में बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों को पर्याप्त मात्रा में भोजन सुनिश्चित कराने व घर वापसी करने एवं दस हजार रुपये उनलोगों के खाते में अविलंब डलवाने की मांग को लेकर भाकपा माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव अपने आवास बिश्नीटीकर में कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को धरना पर बैठ गए। यह धरना तब दिया गया जब पूरे देश में लाकडाउन है। धारा 144 भी लगाई गई है। धरना के आवेदन को भी अस्वीकृत कर दिया गया था। बगोदर एसडीओ का कहना है कि यह सरासर कानून का उल्लंघन है। इनसबके खिलाफ धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धरना देते हुए राजकुमार यादव ने कहा कि प्रवासी मजदूर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हैदराबाद, गुजरात जैसे महानगरों में फंस गए हैं।

केंद्र सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार बाहर में फंसे प्रवासी मजदूरों के खाते में राहत कोष के तहत दस हजार रुपये अविलंब भेजना सुनिश्चित करें व पर्याप्त मात्रा में उक्त मजदूरों के बीच भोजन उपलब्ध कराए। यदि सरकार प्रवासी मजदूरों के प्रति ध्यान आकर्षित नहीं करती है तो वे कार्यकर्ताओं के साथ भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।

मौके पर कार्यकारी सचिव सकलदेव यादव, मुखिया आरती देवी, प्रदीप कुमार, ज्ञानचंद यादव, केदार यादव, गौतम कुमार, दिनेश कुमार व रवि आदि उपस्थित थे।

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लाकडाउन का उल्लंघन हुआ है। धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी को पूर्व में ही सूचान दे दी गई थी कि किसी को भी धरना प्रदर्शन नहीं करना है। धरना के आवेदन को भी अस्वीकृत कर दिया गया था।

रामकुमार मंडल, बगोदर एसडीओ

Posted By: Jagran

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