संवाद सहयोगी, देवरी: भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के गुनियाथर में मुठभेड़ के बाद पुलिस इलाके में लगातार सर्च अभियान चला रही है। इस संबंध में मंगलवार को को भेलवाघाटी थाने में नक्सली कमांडर सिद्धो कोड़ा सहित 10 से 15 अज्ञात माओवादियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

मानिकचंद को निर्देष बता रहे परिजन: इधर, मारे गए नक्सली चकाई थाना के बेहरा गांव निवासी मानिकचंद मुर्मू को निर्दोष बताते हुए उसके शव को रखकर परिजनों एवं ग्रामीणों ने चकाई मोड़ पर बुधवार को रोड जाम कर दिया। मृतक के भाई सह चकाई जिला परिषद के सदस्य रामलखन मुर्मू ने कहा कि उसका भाई सीधा-साधा था। वह देवरी थाना के बरजोडीह से जात्रा देखकर वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान झारखंड पुलिस एवं सीआरपीएफ ने उसे पकड़कर प्रताड़ित किया तथा गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच करने, मृतक की पत्नी को 10 लाख रुपये मुआवजा देने और फर्जी मुठभेड़ करनेवाले पुलिस पदाधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

कहा कि उसका भाई पीपीवाइ कॉलेज में बीए पार्ट वन का छात्र था। वह अपने घर बेहरा में राशन दुकान चलाता था। मृतक की पत्नी सुनीता मुर्मू गर्भवती है। दोनों का चार साल का एक पुत्र भी है।

इधर, चकाई मोड़ पर बुधवार दोपहर जाम में सैकड़ों वाहन फंस गए। सूचना पाकर चकाई के इंस्पेक्टर चंदेश्वर पासवान मौके पर पहुंचे और जाम कर रहे परिजनों को समझाने की कोशिश की। एसडीओ लखेंद्र पासवान व डीएसपी भास्कर रंजन भी पहुंचे। निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर जाम हटवाया। इस दौरान परिजनों ने जमुई एसपी के नाम तीन सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीओ को सौंपा। मौके पर चकाई के सीओ अजीत कुमार झा सहित बीएमपी जवान थे।

Posted By: Jagran

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