गिरिडीह, जेएनएन। झारखंड के गिरिडीह में 18 हाथियों के झुंड ने शनिवार रात दुमदुमिया गांव में कई घरों को तोड़ की और फसलों को बर्बाद कर दिया। इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं।

गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों के भीतर हाथियों ने दो बुजुर्गों की जान भी ली है।  

झुंड से बिछड़े हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया
टुंडी इलाके में हाथियों के झुंड से बिछड़े हाथियों के जमकर उत्पात मचाने से ग्रामीण दहशत में हैं। बिरंची गांव में शुक्रवार आधी रात हाथियों के आने से लोगों में हड़कंप मच गया। बिछड़े दल में एक बच्चा बच्चे रहने की वजह से झुंड आक्रामक बना हुआ है।

टुंडी पहाड़ में पिछले माह 21 हाथियों का झुंड आया था। इनमें से 17 हाथी इलाका छोड़ चल गए हैं, जबकि चार हाथी यही ठहर गए हैं। इस झुंड में दो नर एक मादा व एक नन्हा बच्चा शामिल हैं। झुंड द्वारा कई किसानों की फसल को खाकर नष्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को ढाई बजे रात सूचना मिलते ही विभाग ने गांव में मशालची भेजकर हाथियों को भगाया गया। इन हाथियों को शनिवार को देर शाम टुंडी पहाड़ में देखा गया। हाथियों के एक झुंड के पहाड़ में छूटने की पुष्टि टुंडी वनक्षेत्र पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद ने की है। शनिवार को टुंडी वन विभाग का प्रचारक दस्ता द्वारा पहाड़ी तराई गांव बसहा, पोखरिया, दो मुंडा, कोलाहीर, छतनी पहाड़ी, बड़ानागपुर, छोटानागपुर आदि इलाके में सूचना देकर सुरक्षा को लेकर हिदायत दी गई।

इस दौरान साफ शब्दों में कहा गया कि किसी भी हालत में हाथी दल के समक्ष न जाए एवं तमाम सुरक्षा के नियमों का पालन करें। वैसे इस झुंड पर निगाह रखने के लिए 11 मशालची दल को कड़ी निगाह के साथ आम लोगों की जान माल की सुरक्षा को लेकर एहतियात बरतने को कहा गया है। विदित हो कि इस वर्ष हाथियों के झुंड ने दो बच्चे सहित तीन लोगों की जान ले ली है। सांसद प्रतिनिधि संजीव मिश्रा, डीएफओ से मिलकर मशालची बढ़ाकर हाथियों को भगाने की मांग की है।

Posted By: Sachin Mishra

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप