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सनहा के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत लेते मधुबन थाना का लेखापाल गिरफ्तार, थानेदार फरार; धनबाद ACB की कार्रवाई

Published: Thu, 17 Sep 2026 10:28 AM (IST)

Giridih News: मधुबन थाना में एसीबी धनबाद ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते एक लेखापाल को गिरफ्तार किया है। इस मामले में थानेदार को भी अभियुक्त बनाया गया है।

गिरिडीह का मधुबन थाना। (फाइल फोटो)

गिरिडीह का मधुबन थाना। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एसीबी ने मधुबन थाना के लेखापाल को रिश्वत लेते पकड़ा।

  2. बीमा क्लेम सनहा हेतु पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी गई।

  3. थाना प्रभारी दिपेश कुमार कार्रवाई के दौरान मौके से फरार।

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) धनबाद की टीम ने गिरिडीह जिले के मधुबन थाना में पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में थाना प्रभारी दिपेश कुमार के सहयोगी लेखापाल (मुंशी) को गिरफ्तार किया है। मामले में थाना प्रभारी दिपेश कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।

एसीबी के अनुसार, मधुबन थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी (रजिस्ट्रेशन नंबर JH15K4933) 19 जुलाई 2026 को सुबह करीब 10 बजे मधुबन थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, वाहन का बीमा Tata AIG से था। बीमा क्लेम लेने के लिए उसे थाना से लिखित सनहा की जरूरत थी। आरोप है कि सनहा देने के एवज में मधुबन थाना प्रभारी दिपेश कुमार ने उससे पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा-7 के तहत धनबाद थाना कांड संख्या 08/2026, दिनांक 15 सितंबर 2026 दर्ज कर ट्रैप टीम गठित की गई।

एसीबी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी के निर्देश पर अप्राथमिकी अभियुक्त विक्रम कुमार चौधरी ने थाना प्रभारी के कक्ष में शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये रिश्वत ली। इसी दौरान एसीबी की ट्रैप टीम ने उसे पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान गिरिडीह के कार्यपालक दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। एसीबी की ओर से दोनों आरोपियों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एसीबी के अनुसार, मधुबन थाना प्रभारी को भी मामले में अभियुक्त बनाया गया है। वह कार्रवाई के दाैरान थाने से बचकर निकल पड़े। उनका सहयोगी पकड़ा गया।