जागरण टीम, गिरिडीह : मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत जसपुर पंचायत के कोल्हरिया गांव में शनिवार रात को जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। लगभग 18 की संख्या में पहुंचे हाथियों ने गांव के 65 वर्षीय वृद्ध गोपी कृष्ण ¨सह को कुचलकर मार डाला। गांव के अन्य ग्रामीणों ने रातभर बिचाली व केरोसिन का लूक जलाकर किसी तरह से अपनी जान बचाई। हाथियों ने गांव में तोड़फोड़ करने के साथ साथ ग्रामीणों के मकई, धान आदि फसलों को भी नष्ट कर दिया। देर रात को हाथी दूसरे गांव की ओर निकल गए। शनिवार रात को हाथियों के उत्पात से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों को डर है कि यदि हाथियों को रोका नहीं गया तो वे पुन: गांव में आकर उत्पात मचाएंगे। -शव पहुंचते ही गांव में पसरा सन्नाटा : हाथियों के हमले में मारे गए वृद्ध का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार सुबह गांव में पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इससे गांव के हर ग्रामीणों की आंखे आंसुओं से भर आईं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। लोग गजराज के कहर से थर्रा उठे।

-वन विभाग ने नहीं लिया संज्ञान : मृतक गोपी कृष्ण के परिजन मीनू ¨सह व सुनीता देवी ने बताया कि शनिवार सुबह से ही हाथियों के झुंड ने उनके गांव के बगल के गोंदलिया गांव में जमकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। वहां चार घरों को तोड़ दिया गया। इस पर कोल्हरिया में भी हाथी के उत्पात की आशंका को लेकर उनके पति गुलाब ¨सह समेत अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग को लगातार संपर्क कर मामले से अवगत कराया परंतु वन विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीण जिस अनहोनी से बचना चाह रहे थे शनिवार रात वह घटित होकर ही रही। हाथियों का झुंड रात के लगभग 8 बजे कोल्हरिया गांव पहुंच गया। इसका आभास होते ही ग्रामीण बिचाली, केरोसिन तेल आदि का लुक जलाकर हाथियों को गांव से भगाने की कोशिश करने लगे। इसी बीच वृद्ध रात 9 बजे अपने परिजनों की टोह लेने के लिए घर से निकलकर गांव के गली में पहुंचे। वे अपने आगे हाथी के होने का अनुमान कर आगे बढ़ ही रहे थे कि अचानक पीछे से दो हाथियों ने उनपर अटैक कर दिया। हाथियों ने गांववालों के सामने गोपी को पांव से कुचलकर मार डाला जबकि ग्रामीण बेबस होकर चाहकर भी उसे नहीं बचा सके। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि सुबह से ही हाथियों के उत्पात की सूचना पर वन विभाग की टीम हरकत में आती तो आज वृद्ध गोपी उनके साथ होते। एसपी ने मामले पर दिखाई तत्परता : ग्रामीण सुमन ¨सह, सरस्वती देवी व ¨सपी देवी ने बताया कि शनिवार रात को हाथियों के उत्पात मचाने एवं एक वृद्ध को कुचलकर मार डालने के बाद पूरा गांव सहम गया। उन्होंने तुरंत डायल 100 पर बात कर इसकी सूचना गिरिडीह के एसपी सुरेंद्र कुमार झा को दी। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब वन विभाग की टीम व मुफ्फसिल पुलिस को दलबल के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया। रात के अंधियारा व दुर्गम रास्ता होते हुए भी टीम करीब दो घंटे के अंदर घटनास्थल पर पहुंच गई। तब तक ग्रामीणों ने बिचाली व लुक जलाकर हाथी को गांव से भगा दिया था। पुलिस व वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में एसपी ने देर रात तक ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति पर नजर बनाए रखा। -परिजनों ने प्रशासन से लगाई मुआवजा व नौकरी की गुहार : मृतक के परिजन मीनू ¨सह ने बताया कि उनका परिवार आíथक रूप से बहुत गरीब है। उनका परिवार खेती बाड़ी कर किसी तरह अपना भरण पोषण करते हैं। घटना के बाद वन विभाग से पचास हजार की मुआवजा राशि दी गयी है। शेष राशि कागजी कार्रवाई होने के बाद मिलने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा एवं परिवार के एस सदस्य को नौकरी देने की मांग की। साथ ही जंगली हाथियों से सुरक्षा देने की भी मांग की। -हाथियों को अपनी सीमा से बाहर कर विभाग हो जाता निष्क्रिय : बता दें कि प्रत्येक वर्ष जंगली हाथियों के हमले में पहाड़ों व जंगलों में रह रहे लोगों के घरों में तोड़फोड़ होती है एवं फसलों को व जानमाल को क्षति पहुंचती है। इसके बावजूद वन विभाग इसकी रोकथाम व जंगल में रह रहे ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। इसके विपरीत समाहरणालय के बाहर हाथी से बचाव के लिए हो¨डग लगाया गया है। वहीं वन विभाग जंगली हाथी के सीमा में प्रवेश कर उत्पात मचाने की सूचना पर पहुंचता है। विभाग उसे काबू में कर सुरक्षित जगह पहुंचाने के बजाय अपनी अपनी सीमा से बाहर कर नि¨श्चत हो जाता है। वही जंगली हाथी पुन: दूसरे जिले की सीमा के भीतर पहुंचकर उत्पात मचाते हैं। बता दें कि गिरिडीह मुफ्फसिल क्षेत्र के कोल्हरिया गांव में वृद्ध को कुचलकर मारनेवाला हाथी का झुंड बीते तीन दिनों से टुंडी में उत्पात मचा रहा था। टुंडी वन विभाग की टीम ने हाथियों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के बजाय गिरिडीह की सीमा में छोड़ दिया।

Posted By: Jagran

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