गिरिडीह : कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जनप्रतिनिधियों व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आमजनों को हर स्तर पर जागरूक करने की आवश्यकता है। इसमें सखी मंडलों की दीदियां भी प्रचार-प्रसार करेंगी। ये बातें उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने शनिवार को नगर भवन में आहूत उच्च स्तरीय बैठक में कही। बैठक में जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक पदाधिकारी शामिल थे।

बैठक में सभी जिला परिषद सदस्यों, वार्ड पार्षदों, ग्राम प्रधान, मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रबुद्ध नागरिकों की भूमिका पर विशेष विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने के अलावा कोरोना संक्रमण की रोकथाम से जुड़े विभिन्न बिदुओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने जिले में हो रहे टीकाकरण कार्य एवं टेस्टिंग के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा कोविड-19 वैक्सीनेशन में बेहतर प्रदर्शन और टेस्टिंग की गति को और तेज करने पर जोर दिया। कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर ग्राम सभा में लोगों को जागरूक करें। कोविड-19 संक्रमण में अचानक आ रही तेजी को देखते हुए जिले में कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए उचित व सजग प्रयास किए जा रहे हैं। हम सभी को आपसी समन्वय के साथ धरातल पर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है।

सुरक्षा कवच है वैक्सीन :

उपायुक्त ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाने के उद्देश्य से सभी ग्राम प्रधान, मुखिया जिला परिषद व नगर पंचायत के सदस्य, जनप्रतिनिधि व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों व धर्मगुरुओं से आगे आने की अपील की। कहा कि कोरोना की दूसरी लहर काफी असरदार साबित हो रही है। इसमें थोड़ी सी लापरवाही से खतरा काफी बढ़ सकता है। संक्रमण के खतरे से बचने के लिए वैक्सीनेशन सुरक्षा कवच है। वैक्सीन को लेकर भ्रांतियों को हर स्तर पर दूर करने के प्रयास किया जाना चाहिए। लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों का ग्राफ काफी चिंताजनक है। कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए हमें विशेष सावधानियां एवं एहतियात बरतने की आवश्यकता है। अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए वैक्सीन आवश्यक है। जिन्होंने पहली डोज ले ली है वे दूसरी डोज भी अवश्य लें। यह टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है। जनहित में टीका लेना सभी के लिए आवश्यक है। कल से घर-घर होगा सर्वे :

उपायुक्त ने कहा कि 17 मई से स्वास्थ्य कर्मी, सेविका, सहिया, सहायिका, सखी मंडल की दीदियां आदि घर- घर जाकर सर्वे करेंगे। सर्वे का कार्य दो टीमें करेंगी। सर्वे कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता है। लक्षण वाले व्यक्तियों को उनके नजदीकी गांव-पंचायत में पंचायत भवन या विद्यालय में क्वारंटाइन किया जाएगा। पंचायत भवनों व विद्यालयों में शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, बिजली की आपूर्ति व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, स्वास्थ्य कर्मी समय-समय पर उनकी जांच, मेडिसिन व अन्य की पूरी निगरानी रखेंगे। वहां पर मरीजों को अपने खाने-पीने की व्यवस्था खुद करनी होगी।

इन बिदुओं पर करना है जागरूक :

सर्वे के दौरान बीमारी को पहचानने व स्वीकारने में देर नहीं करने, इलाज शुरू करने में देर नहीं करने, कोरोना (आरटीपीसीआर) जांच कराने में देर नहीं करने, लक्षण होने के बावजूद टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार करने के बजाय, तुरंत इलाज शुरू करने, बीमारी की गंभीरता को समझने में देर नहीं करने, दवाइयों से डर के कारण आधी-अधूरी दवाइयां खाने के बजाय सारी दवाइयां खाने, पांचवें या छठे दिन तबीयत ज्यादा खराब होने पर सीटी और ब्लड जांच कराने, दूसरे स्टेज का ट्रीटमेंट (स्टीरॉयड) छठे दिन से शुरू करने, स्टेयरायड की पर्याप्त डोज लेने,

ऑक्सीजन गिरने पर अस्पताल पहुंचने में देरी नहीं करने आदि पर जागरूक किया जाएगा। चेकनाका का नियमित करें निरीक्षण :उपायुक्त ने सभी एसडीपीओ व संबंधित थाना प्रभारी को नियमित चेकनाका का निरीक्षण करने के निर्देश दिया। कहा कि चेक नाका पर आने वाले सभी वाहनों का नंबर, यात्रियों का नाम, फोन नंबर दर्ज करें। कहा कि सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा थाना प्रभारी अपने स्तर से भी चेकनाका का निरीक्षण करेंगे। चेकनाका पर सभी प्रतिनियुक्त बल को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के प्रति पर्याप्त ध्यान रखने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी जवान संक्रमित न हों।