गिरिडीह : कोरोना से संक्रमित होकर गंभीर होनेवाले मरीजों की संख्या में कमी आने लगी है। यह जिले के लिए एक राहत भरी खबर है जो कोरोना से गंभीर होने के तनाव में रह रहे लोगों को सुकून देगा। बरहमोरिया स्थित आइसोलेशन सेंटर में फिलहाल कोरोना से संक्रमित होकर गभीर हानेवाले 13 लोग भर्ती है जो चिकित्सीय सतत निगरानी व उपचार में रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। बरहमोरिया आइसोलेशन सेंटर में ऑक्सीजन सपोर्टेड 139 बेड हैं जिसमें 13 मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं जबकि 126 बेड फिलहाल खाली है जो राहत दे रहे हैं। यह आंकड़ा अधिकारियों के रोज किए जा रहे आइसोलेशन सेंटर के निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जानेवाली रिपोर्ट से साबित हो रही है। इसके तहत 15 मई को वहां भर्ती मरीजों की संख्या घटकर 13 पर आ गई है। इसमें 11 संक्रमित ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं जबकि दो संक्रमित सामान्य उपचार ले रहे हैं। वहीं 15 मई को सतत निगरानी व उपचार में रहते हुए 19 संक्रमित कोरोना का मात देते हुए स्वस्थ होकर अपने घर गए। यहां फिलहाल 15 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। इसके अलावा आठ ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर भी उपलब्ध हैं। 13 मई को यहां 31 मरीज भर्ती होकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे जिसमें से कई संक्रमितों ने सतत निगरानी में रहकर कोरोना के मात देते हुए जिदगी का जंग जीता। वहीं 13 मई को पांच कोरोना को हराकर आइसोलेशन सेंटर स अपने घर का रवाना हुए थे।

सूरत से लौटे 528 मजदूर, सभी की रिपोर्ट निगेटिव : कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रवासी मजदूरों के घर लौटने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार देर रात सूरत से गिरिडीह जिला के करीब 528 मजदूर लौटे। वापस आए सभी मजदूरों की प्लस टू हाई स्कूल बगोदर में कोविड-19 की जांच की गई, जिसमें सभी मजदूरों की रिपोट निगेटिव आई है। वापस आए मजदूरों में बगोदर के तीन सरिया के दो, बिरनी के 43, बेंगाबाद के 79, गांड़ेय के पांच, तिसरी के 10, राजधनवार के 49, देवरी के 87, जमुआ से 196, गिरिडीह के 40 और गांवा प्रखंड के नौ मजदूर शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के 11 मजदूर भी हैं, जिन्हें जांच कर घर भेज दिया गया। इधर, लौटे मजदूरों को अपने-अपने प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के क्वारंटाइन सेंटर में सात दिनों तक रहना है। उनकी देखरेख में बगोदर बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, चिकित्सक डॉय रामापति जुटे हैं।