तिसरी (गिरिडीह): बिजली सब स्टेशन के प्रांगण में झारखंड संपूर्ण बिजली आच्छादन योजना के तहत चार कमरों का कंट्रोल रूम के निर्माण में बंगला ईंट का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी निर्माण कार्य में चिमनी ईंट का उपयोग नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग की जमीन पर गोपी कृष्णा कंपनी के तहत बिल्डिग निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कार्यस्थल पर योजना प्राक्कलन का बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्च अधिकारी सन्नी ठाकुर व प्रोजेक्ट मैनेजर गणेशचंद दूबे से ईंट बंगला भट्ठा का लगाने की शिकायत फोन पर करने पर टूटी हुई खराब ईंटों को हटा दिया गया। अधपकी ईंट का भी उपयोग बिल्डिग बनाने में किया जा रहा है। इसे हजारीबाग की चिमनी ईंट बताया जा रहा है। भवन निर्माण में पानी नहीं दिया जा रहा है। पानी की व्यवस्था नहीं रहने से परेशानी हो रही है। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नरेश यादव ने कहा कि भवन निर्माण में मनमानी की जा रही है। यदि बंगला ईंट को हटाकर चिमनी ईंट नहीं लगाई गई तो विभाग को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।

कार्यस्थल पर मौजूद सीनियर इंजीनियर अभिजीत कुमार ने बताया कि हजारीबाग से चिमनी ईंट यहीं आ रही है। प्राक्कलित राशि क्या है, विभाग से पूछकर बताया जाएगा। कहा कि आज टैंकर नहीं था नहीं तो पानी जरूर दिया जाता।

Posted By: Jagran

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