तिसरी : तिसरी चौक को रोशन करने के लिए हाईमास्ट लाइट लगाई गई थी। प्रकाश व्यवस्था से लोगों को काफी राहत मिली, लेकिन खराब होने को तीन साल हो गए, आज तक उसे दोबारा बनाया नहीं गया। किसी सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि ने इसे बनाने के लिए पहल नहीं की जिस कारण अंधेरे में ही लोग वहां से गुजरने को विवश हैं। जानकारी के अनुसार यह मास्क लाइट दुकानदार व ग्रामीणों की अपील पर दस वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद बाबूलाल मरांडी ने लगाया था। इससे तिसरी के चौक-चौराहे रोशनी से चकाचक हो गए व लोगों को काफी सुविधाएं भी मिलीं। इससे अंधेरे में भी राहगीर व यात्रियों को राहत मिलने लगी। दो तीन वर्ष के बाद उसमें तकनीकी खराबी आ गई जिस कारण सभी बल्ब धीरे-धीरे बुझ गए। इसके बाद तिसरी चौक पर अंधेरे का साम्राज्य हो गया। अंधेरे का फायदा उठाकर चोर दुकानों में हाथ साफ करने लगे। स्थानीय ग्रामीणों ने सांसद, विधायक व मुखिया से इसकी मरम्मत के लिए आवाज उठाई। मुख्यालय में भी लोगों ने प्रयास किया लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुनी। इस कारण यह लाईट आज भी बेकार पड़ी हुई है।

क्या कहते ग्रामीण: ग्रामीण बंटी कुमार ने कहा कि मास्टलाइट की मरम्मत के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने सुध नहीं ली। चुनाव आ गया तो सभी प्रत्याशी विकास करने की बात कर रहे हैं। वे कैसा विकास करेंगे जब एक मास्टलाइट का लाभ लोगों को नहीं दिला पा रहे हैं। नितेश सिंह ने कहा कि तिसरी चौक की सबसे बड़ी समस्या मास्क लाइट की है जो कई साल से बेकार पड़ी है। किसी नेता, सांसद व विधायक ने इसकी सुध नहीं ली है। लोगों ने अखबार के माध्यम से मास्टलाइट की मरम्मत कराने की मांग की है।

Posted By: Jagran

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