ज्ञान ज्योति, गिरिडीह

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों का व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों को अब रजिस्ट्रेशन कराना और लाइसेंस लेना अनिवार्य हो गया है। बिना निबंधन व लाइसेंस के व्यवसाय करना अब मुश्किल होगा। इसके बिना वे खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगे, क्योंकि खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (एफएसएस एक्ट) के तहत सरकार ने सभी तरह के खाद्य व्यवसायियों के लिए लाइसेंस लेना या निबंधन कराना अनिवार्य कर दिया है।

सुरक्षित और सही खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना उद्देश्य : सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और सही खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है, ताकि उसके सेवन से लोगों के स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। इसी उद्देश्य से खाद्य पदार्थो में मिलावट और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए उक्त कानून लागू किया गया है। इसका शत प्रतिशत अनुपालन कराने की दिशा में भी अब पूरी गंभीरता के साथ पहल की जाने लगी है। इसके लिए खाद्य संरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

बिना निबंधन-लाइसेंस के खाद्य पदार्थो की खरीद-बिक्री अवैध : उक्त एक्ट के तहत बिना लाइसेंस व निबंधन के खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री करना अवैध माना जाएगा। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई और दंड का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही छोटे व्यवसायियों को थोक व्यापारियों से खाद्य पदार्थों का क्रय कर उसकी बिक्री करना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि थोक व्यापारियों को वैसे खुदरा व्यवसायियों के पास खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध किया गया है, जिनके पास उक्त एक्ट के तहत निबंधन या लाइसेंस नहीं है।

मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा, उपभोक्ताओं को होगा लाभ :

बताया गया कि सभी तरह के व्यवसायियों का निबंधन और लाइसेंस हो जाने से मिलावटखोरों, जमाखोरों और खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसेगा। इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को होगा। लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थों से निजात मिलेगी, वहीं जमाखोर खाद्य पदार्थों की कृत्रिम अभाव नहीं दिखा सकेंगे, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण रहेगा।

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खाद्य पदार्थों के निर्माण से लेकर उपभोक्ताओं के पास पहुंचने तक, हर स्तर पर उक्त कानून का पालन करना आवश्यक है। व्यवसायियों को एक स्टेप ऊपर और एक स्टेप नीचे इस कानून का अनुपालन करना है। व्यवसायी वैसी दुकानों से खाद्य पदार्थो का न क्रय करें और न ही वैसे व्यवसायियों को बेचें, जिन्होंने उक्त कानून के तहत निबंधन नहीं कराया हो या लाइसेंस नहीं लिया हो। इसका उल्लंघन करनेवालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

डॉ. पवन कुमार, खाद्य संरक्षा पदाधिकारी, गिरिडीह

Posted By: Jagran

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