हीरोडीह (गिरिडीह): शारदीय लगन गुरुवार से आरंभ हो गया। एकादशी तिथि से शुभ विवाह के गीत गूंजने लगेंगे। देवउठान एकादशी के दिन से ही शादी के मुहूर्त के साथ चुनाव का भी मुहूर्त उनका स्वागत करेगा। कुंडली के मिलान के बाद भागमभाग की स्थिति शुरू हो गई है। झारखंड में होनेवाले चुनाव पहले के चरण की तिथि 6 नवंबर को है। इसकी अधिसूचना जारी होते ही चुनावी महासंग्राम शुरू हो गया है। इधर 8 नवंबर को अबूझ मुहूर्त है जो मांगलिक कार्य के लिए सबसे शुभ है। 17 नवंबर को सूरज की राशि परिवर्तन होने के साथ ही 18 नवंबर से शादियों की धूम शुरू हो जाएगी। इन शादियों की तैयारी में चौथे और पांचवें चरण की वोटिग को छोड़कर नामांकन प्रक्रिया की समाप्ति पर शुभ तिथियां खलल डाल सकती हैं। विवाह के शुभ मुहूर्त के बीच चुनाव की घोषणा से कन्या और वर पक्ष को अभी से ही होनेवाली परेशानियां सताने लगी हैं। प्रशासन चुनाव के लिए छोटे-बड़े वाहनों का अधिग्रहण करेगा। इससे वर-वधू को जाने और आने में परेशानी होगी। उन्हें छोटी-छोटी प्राइवेट गाड़ियां नहीं मिल पाएंगी। अधिकतर धर्मशाला, रेस्ट हाउस व होटल की पहले से ही बुकिग हो चुकी है। ऐसे में मतदान ड्यूटी के लिए नियुक्त अधिकारी, कर्मचारी व थानेदारों को परेशानी होगी। ऐसे में लोग शारदीय लग्न में ही शादी करने के लिए बेताब देखे जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में चहल पहल देखी जा रही है। इसमें बारातियों को ठिठुरते ठंड में थिरकने का मौका मिलेगा कि नहीं, डीजे की धुन से गांव गूंजेगा कि नहीं, इसे लेकर आचार संहिता की आवाज कानों में गूंजने लगी है।

Posted By: Jagran

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