संस, सरिया (गिरिडीह): झारखंड के मुख्य न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस बुधवार की दोपहर सरिया पहुंचे। यहां एसडीपीओ कार्यालय में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद वे विवेकानंद मार्ग स्थित प्रभाती कोठी पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी मां के साथ बचपन बिताया था।

मां शोभा घोष, मौसी भारती घोष तथा बहन मौसमी घोष के साथ मुख्य न्यायाधीश ने प्रभाती कोठी का मुआयना किया। कुएं, बाग-बगीचे आदि देख बचपन को याद कर वे भावुक हो गए। वहीं सरिया के तत्कालीन मित्रों का भी हाल-चाल पूछा। मुख्य न्यायधीश ने बताया कि वर्ष 1975 तक वे अपने परिजनों के साथ सरिया में रहे थे। कहा कि अब सरिया का काफी विकास हो चुका है। उन्होंने आगे भी इस क्षेत्र के विकास की कामना की।

बताया जाता है कि इसी कोठी में परिवार संग सुभाष चंद्र बोस भी कभी रहे थे।

लगभग 10 मिनट तक पुराने आशियाने में मुख्य न्यायाधीश रुके। वहां प्यार जताते हुए उक्त मकान के मालिक महेश पंडित की छोटी बच्ची को उपहार देकर उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके बाद सरिया के बराकर नदी तक भ्रमण कर वे वापस रांची लौट गए।

मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर जिला पुलिस काफी सक्रिय थी। मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा, सरिया के एसडीपीओ विनोद कुमार महतो, एसडीओ राम कुमार मंडल, अंचल पुलिस निरीक्षक रामनारायण चौधरी, थाना प्रभारी बिदेश्वरी दास सहित जमुआ, राजधनवार, बिरनी व बगोदर के सैट के जवान एवं जिले के कई न्यायाधीश उपस्थित थे।

Posted By: Jagran