जागरण संवाददाता, गिरिडीह : शुक्रवार की मध्य रात्रि गिरिडीह के सेंट्रल जेल में छापामारी अभियान चलाया गया। यह अभियान करीब दो घंटे तक चला। इसमें न सिर्फ यहां बंद सामान्य अपराधियों के वार्डो की तलाशी ली गई, बल्कि कुख्यात नक्सलियों एवं अपराधियों के वार्डो को भी पुलिस की टीम ने पूरी तरह से खंगाला। सदर एसडीएम राजेश प्रजापति ने टीम बनाकर एक रणनीति के तहत जेल में धावा बोला। आधी रात को हुई छापेमारी के कारण कोई भी बंदी अपने पास से सामान को इधर उधर नहीं छुपा सकता था पर इसमें पुलिस को बंदियों के पास से खैनी, तंबाकू व छह सौ रुपये नगद मिले। टीम में पुलिस पदाधिकारियों के साथ लगभग एक सौ सशस्त्र जवान शामिल थे। जेल गेट पर आवश्यक कार्रवाई पूरी होते ही अधिकारी व पुलिस के जवान जेल के भीतर दाखिल हुए। उस वक्त लगभग सभी वार्डो में बंदी गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक एक साथ जेल कंपाउंड के भीतर पुलिस जवानों के पहुंचने की आहट ने कैदियों को आधी नींद से जागने पर मजबूर कर दिया। देखते ही देखते सभी जवान पहले से बनी रणनीति के तहत वार्डो की तलाशी लेने में जुट गए। कैदियों के बिस्तर के नीचे से लेकर उनके शौचालयों तक को जवानों ने कुछ ही समय में पूरी तरह खंगाल डाला। जेल के अंदर कैदियों के इलाज के लिए बने अस्पताल तक को खंगाला गया। एसडीओ के अलावा मुख्यालय डीएसपी वन नवीन कुमार ¨सह, सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव, सीओ धीरज ठाकुर, बीडीओ विभूति मंडल के अलावा अन्य पुलिस पदाधिकारी व जवान शामिल थे।

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