गिरिडीह : दस साल पूर्व आ‌र्म्स एक्ट के एक मामले में शामिल पांच आरोपितों के खिलाफ आ‌र्म्स एक्ट का केस चलाया जाएगा। डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने पुलिस का दिए आवेदन पर अभियोजन मंजूरी दी है। डीसी ने केस डायरी का अवलोकन कर यह मंजूरी दी है। जिन लोगों के खिलाफ आ‌र्म्स एक्ट का केस चलाया जाएगा उनमें राजेंद्र कोल उर्फ राजेंद्र टुडू, पवन यादव, भिखारी राय, केदार राय उर्फ हुबलाल राय और तुलसी तुरी शामिल हैं। सभी गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। यह मामला भी मुफस्सिल थाना क्षेत्र की है। इस कांड के सूचक तत्कालीन थाना प्रभारी आबिद खान ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा था कि दस जुलाई 2011 को रात साढ़े आठ बजे गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्वी क्षेत्र में एक स्कूल में माओवादी बीरबल दा और बिपिन दा के नेतृत्व में एक मीटिग होने वाली है। पुलिस बल के साथ छापेमारी में लिए गई। गादी श्रीरामपुर के आगे पूर्वी भरकट्टा में एक स्कूल में दस-बारह लोग जमा थे। पुलिस को देखकर जंगल की ओर भागने लगे। दो लोगों को पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ा। पकड़ाए व्यक्ति ने अपना नाम बिपिन मंडल उर्फ बिपिन दा और किशोरी राय बताया। बिपिन दा के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल और किशोरी राय के पास बेग से नक्सली बैनर पोस्टर बरामद किया गया था। जिसमें लिखा गया था कि चिलखारी कांड में जीतन मरांडी समेत अन्य को फांसी की सजा सुनाई देने का विरोध में रैली और आमसभा करनी है। गिरफ्तार लोगों ने बताया था कि बीरबल मांझी, भिखारी राय, केदार राय, प्रधान मुर्मू, दिल मोहम्मद, पवन यादव, कन्हाई पांडेय समेत अन्य जीतन मरांडी को फांसी की सजा दिए जाने के विरोध में मीटिग करने वाले थे।

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