विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गिरिडीह में हाथी के हमले में घायल भाजपा कार्यकर्ता की रांची में मौत, वन विभाग ने परिजनों को दिए 50 हजार रुपये

Published: Mon, 12 Oct 2026 06:05 PM (IST)

BJP Worker Dies After Elephant Attack: हाथी के हमले में घायल भाजपा कार्यकर्ता बुधन यादव का 15 दिन बाद निधन ...और पढ़ें

हाथी हमले में भाजपा कार्यकर्ता बुधन यादव की माैत के बाद उनके घर बंगराकला  पहुंचकर बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने दी श्रद्धांजलि। (फोटो साैजन्य)

हाथी हमले में भाजपा कार्यकर्ता बुधन यादव की माैत के बाद उनके घर बंगराकला  पहुंचकर बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने दी श्रद्धांजलि। (फोटो साैजन्य)

संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के बंगराकला गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता बुधन यादव (60) की हाथी के हमले में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार सुबह करीब नौ बजे रांची स्थित रिम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली।

सोमवार अहले सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही स्वजन की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। पूरे गांव में मातम पसर गया। बाद में ग्रामीणों के सहयोग से गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, गत 25 सितंबर की रात बंगराकला गांव में हाथी ने हमला कर उत्पात मचाया था। इस दौरान बुधन यादव और उनके छोटे भाई महादेव यादव (58) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को धनबाद के अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बुधन यादव की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया था। वहां करीब 15 दिनों तक इलाज चलने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

घटना की सूचना पर बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, भाजपा के नेता व कार्यकर्ता, प्रखंड प्रमुख रामु बैठा तथा वन विभाग के वनपाल योगेंद्र प्रसाद और अबोध महथा मृतक के घर पहुंचे।

सभी ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त स्वजन को ढांढस बंधाया। विधायक ने कहा कि बुधन यादव का निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।

वन विभाग ने दिए 50 हजार रुपये

वन विभाग के कर्मियों ने मृतक के आश्रितों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी। उन्होंने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजे की शेष राशि भी दी जाएगी। बुधन यादव के दो पुत्र और चार पुत्रियां हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के स्वजन को उचित मुआवजा देने के साथ ही हाथियों के हमले से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।