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गांव का पतिराम बना अनल दा, लालखंडियों को माओवादी बनाने का रहा सूत्रधार

By Anjani Kumar Sinha Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Fri, 23 Jan 2026 03:58 PM (IST)

Anil Da’s Violent Chapter Closes: गिरिडीह में एक करोड़ के इनामी नक्सली पतिराम मरांडी उर्फ अनल को सारंडा के जंगल ...और पढ़ें

अनल दा का उग्रवादी सफर मुठभेड़ में खत्म।

अनल दा का उग्रवादी सफर मुठभेड़ में खत्म।

HighLights

  1. एक करोड़ का इनामी नक्सली पतिराम मरांडी उर्फ अनल ढेर।

  2. सारंडा के जंगल में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

  3. 40 साल से सक्रिय, 100 से अधिक मामले दर्ज थे।

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। एक करोड़ का इनामी नक्सली पतिराम मरांडी उर्फ अनल को पुलिस ने सारंडा के जंगल में हुए मुठभेड़ में मार गिराया है । करीब चालीस साल तक लालखंडी फिर एमसीसी में बड़े जिम्मेदारी के पद पर तैनात था। पीरटांड़ थाना क्षेत्र के दीवानडीह झरहा निवासी अनल दा का गांव का नाम पति राम माझी था। बाद में वह अनल दा बना। 

Anal Da-Pirtand

एकत्रित बिहार के समय गिरिडीह के पीरटांड़ में लालखंड तेजी से अपना वर्चस्व स्थापित किया। पीरटांड़ क्षेत्र से लगे अन्य थाना क्षेत्रों में लालखंड ने अपनी वर्चस्व स्थापित किया था।

झारखंड राज्य बनने के बाद एमसीसी के साथ लालखंड का विलय हुआ था। पतिराम मांझी उस वक्त से शामिल रहा था ।इन चालीस सालों में पतिराम मांझी पर जिले में सौ से अधिक लालखंडी और माओवाद के केस दर्ज किए गए ।

इन कांडों से बढ़ाया था खौफ

वह साल 2005 में होमगार्ड कैंप हमला और राइफल लूट ,पीरटांड़ में प्राइवेट सिक्योरिटी के जवानों को उड़ाने का मामला ,पीरटांड़ क्षेत्र में हुए दर्जनों मुठभेड़ में शामिल होकर पुलिस और प्रशासन को नुकसान पहुंचा चुका था।

साल 2018 में डुमरी के अकबकीटांड में हुए पुलिस करवाई में गिरफ्तार 15 नक्सलियों में 25 लाख का इनामी नक्सली सुनील मुर्मू की गिरफ्तारी हुई थी। इसी ने पतिराम मांझी की माओवादी कुंडली का राज पुलिस के समक्ष खोला था।

सुनील मुर्मू की निशानदेही पर मिला था जखीरा

जिले के अकबकीटांड़ में हुए एक बड़े नक्सल अभियान में पुलिस को मिली सफलता में 25 लाख का ईनामी सुनील मुर्मू और 15 लाख का ईनामी चार्लीस की गिरफ्तारी भी शामिल थी। बाद में इस मामले को एनआइए ने टेकओवर कर लिया था।

इसके पूर्व ही गिरिडीह पुलिस ने न्यायालय से रिमांड आदेश पाकर सुनील मुर्मू से पूछताछ की थी। साथ ही सुनील की निशानदेही पर अकबकीटांड़ के उत्तर मधुबन थाना क्षेत्र के पारसनाथ पहाड़ी पर जंगल में भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया था।

इसमें आइईडी, बड़ी मात्रा में पाइप बम, बारूद पाउडर, केमिकल, और अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल थी। इन हथियारों का उपयोग शासन को चुनौती देने के साथ पुलिस को नुकसान पहुंचाने में करना था।

सुनील ने ही खुलासा किया था कि हार्डकोर अनल उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के झरहाबाले गांव का रहने वाला है।वह भाकपा माओवादी की केंद्रीय कमेटी का सदस्य है। वह माओवादियों के रणनीतिकार माना जाता है। उसके पिता टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी है।

ओहदा बढ़ने पर मिली थी सारंडा की कमान

मौजूदा मुठभेड़ स्थल कोइया जंगल तीन जिलों (पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां व खूंटी) का सीमावर्ती क्षेत्र है। पूरा क्षेत्र पहाड़ों से घिरा है। राज्य सरकार की ओर से पतिराम मांझी उर्फ अनल पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किए जाने के पूर्व उसे भाकपा माओवादी संगठन में सर्वोच्च पद दिया गया था। उसे संगठन का थिंक टैंक कहा जाता था। संगठन ने उसे छत्तीसगढ़ और सारंडा में तैनात किया था।