गिरिडीह : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव को ले लॉकडाउन एक बहुत ही उचित कदम है। इसका पालन सभी लोग करने में जुटे हुए है, लेकिन लॉकडाउन के कारण कई गरीब मजदूरों के घरों में दो दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है।

बुजुर्ग, बच्चों तक के खाने पर लाले पड़ने लगे है। इसकी जानकारी होने पर गुरुवार रात को गिरिडीह शहर के कोलडीहा रहमत नगर के युवकों ने आपस में चंदा कर दिव्यांग समेत आठ मजदूरों के घर में अनाज पहुंचाया तब जाकर उनके घरों में चूल्हा जल सका और भूखे बच्चों समेत अन्य लोगों की भूख मिट सकी है।

गुरुवार शाम को एक युवक की नजर घर के बाहर बैठकर रो रहे एक बुजुर्ग पर पड़ी। उसके रोने का कारण पूछने पर उसने बताया कि घर में बीमार पत्नी व पुत्र है। काम नहीं मिलने के कारण घर में दो दिनों से चूल्हा नहीं जला है। खाने को अनाज का एक दाना भी नहीं है। उनकी बातों को सुनकर वह इस बात की चर्चा अपने साथियों से की। इसके बाद न्यू मासूम स्टार क्लब रहमत नगर कोलडीहा के गोल्डेन, मिस्टर, आसिफ, ताजुद्दीन समेत अन्य सदस्यों ने तत्काल बैठक कर गरीबों की मदद करने का मन बनाया। इसके बाद युवकों की टोली ने पहले आपस में फिर घर घर जाकर चंदा किया। बताया कि इसके बाद वे सभी मोहल्ले के मजदूरों की सूची तैयार की। इसके बाद वे सभी उनके घर जाकर उसकी हालत का जायजा लिया। जब युवकों को विश्वास हो गया कि वास्तव में इन लोगों के घरों में दो-तीन दिनों से चूल्हा नहीं जला है तो युवकों ने बाजार जाकर चावल, आटा, आलू आदि खाने की सामग्री खरीद कर वितरण कर दिया।

युवकों ने बताया कि मोहल्ले के इशाक मियां, रसीद, कोका, मुजाहिद, चरका, मुन्ना, शमीम, मो. आलम के घरों में अनाज पहुंचाया गया। युवकों के साथ साथ गरीब मजदूरों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए सरकारी स्तर पर मदद की गुहार लगाई है, ताकि कोई भूखा ना रहे।

Posted By: Jagran

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