निमियाघाट : कोरोना की आड़ में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी तेज हो गई है। थोक विक्रेता ही खुदरा व्यापारियों को निर्धारित से अधिक मूल्य पर सामग्री की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में जनता को दोतरफा मार झेलनी पड़ रही है। सबसे बड़ा संकट गरीबों व मध्यम वर्गीय परिवारों के समक्ष है। आय का साधन बंद व मूल्य वृद्धि होने से परेशानी बढ़ गई है। हालांकि लगातार कालाबाजारी की मिल रही शिकायतों पर प्रशासन सख्त है। शनिवार को  डुमरी अनुमंडल पदाधिकारी प्रेमलता मुर्मू व एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह ने आलू व आटा के थोक व्यापारियों को निर्धारित मूल्य पर ही छोटे दुकानदारों को सामग्री उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया। इससे कालाबाजारी करनेवालों में हड़कंप है। दुकानदारों को सामानों का रेट चार्ट दुकान के आगे प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इस दौरान असुरबांध एवं डुमरचुटियो  पंचायत का भ्रमण करते हुए राशन दुकान एवं जनवितरण दुकानदारों को खुला रखने का सख्त निर्देश दिया। एसडीओ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को अनाज उपलब्ध कराते रहें।  इससे भी लॉक डाउन पूरी तरह असरदार हो सकेगा।

लॉकडाउन का अब पूरा असर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दिख भी रहा है। शनिवार को हर ओर सन्नाटा पसरा रहा। मुखिया को मास्क एवं हैंड ग्लब्स  प्रदान किया गया, जिसे वह ग्रामीणों में वितरण करेंगे। मौके पर पुलिस इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह, बीडीओ सोमनाथ बंकीरा  आदि थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस