गांडेय(गिरिडीह): महेशमुंडा के बंधाबाद में दूसरे राज्यों से आए 11 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के मामले को सोशल मीडिया साइट ट्वीटर में सीएम ने गंभीरता से लेते हुए गिरिडीह उपायुक्त को मामले में संज्ञान लेने का निर्देश दिया। उन्होंने पीड़ित व्यक्ति की सामाजिक तिरस्कार नहीं करने की अपील की। कहा कि सामाजिक तिरस्कार से पीड़ित व्यक्ति के व्यवहार में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही उसकी देखभाल व सेवा में लगे लोग हतोत्साहित होते हैं।

सीएम का निर्देश मिलते ही गांडेय चिकित्सा प्रभारी के निर्देश पर सोमवार दोपहर को गांडेय सीएचसी से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम महेशमुंडा के बंधाबाद गांव पहुंची। टीम में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने बारी-बारी से सभी के घर जाकर उनका दस मिनट तक काउंसिलिग किया। काउंसिलिग में सभी स्वस्थ मिले। सभी को 14 दिनों तक घर के एक कमरे में अकेले रहने की सलाह दी गई। साथ ही उनके कपड़ा, बर्तन समेत सभी उपयोगी सामानों को परिवार से अलग रखने की सलाह दी गई। उसके उपरांत स्वास्थ्य टीम वापस लौट आई। टीम में स्वास्थ्य कर्मी रमेश मुर्मू, हीरालाल टुडू, नर्स सुषमा दिवाकर व मालती कुमारी शामिल थी।

तीन दिन पूर्व मुंबई व पूणे में रहकर कार्य कर रहे मजदूर वापस अपने घर महेशमुंडा के बंधाबाद लौटे। उनमें से कुछ युवक दो दिन से घर से बाहर नहीं निकले एवं उनमें खांसी, सर्दी व बुखार जैसे लक्षण ग्रामीणों ने देखा। इसपर ग्रामीणों को सभी युवकों के कोरोना के संदिग्ध मरीज होने का आशंका हुई। ग्रामीण भयभीत हो गए। इसे लेकर उक्त गांव के निवासी सह जिप सदस्य धनंजय राणा ने प्रखंड व जिला के पदाधिकारी व स्वास्थ्य विभाग को इसपर उचित पहल की मांग की। कोई कार्रवाई नहीं होता देख उन्होंने मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैला दिया। एक युवक ने उस वीडियो को ट्वीटर पर डालकर गिरिडीह डीसी, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को टैग कर इसे गंभीरता से लेते हुए पहल की मांग की। सीएम ने त्वरित मामले का संज्ञान में लेकर डीसी को कार्रवाई का निर्देश दिया।

Posted By: Jagran

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