गिरिडीह : जैन धर्मावलंबियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ में जल्द ही पेयजल संकट दूर होने वाला है। यहां वंदना पथ सहित अन्य स्थानों में सोलर सिस्टम से पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आलोक में झारखंड सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है।

उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा की ओर से जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि झारखंड सरकार के सचिव पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग (पर्यटन प्रभाग) ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में योजनाओं के आवंटन को लेकर तकनीकी स्वीकृति के साथ प्राक्कलन के अनुरूप विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। इसे लेकर उपायुक्त ने आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किया है। कहा है कि कार्यकारी एजेंसी कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल-2 ई-निविदा के माध्यम से योजनाओं का क्रियान्वयन कराएगी। कार्यकारी एजेंसी निविदा के लिए सभी नियमों का दृढ़तापूर्वक पालन करेगी। योजना की तकनीकी पर्यवेक्षण की पूरी जवाबदेही कार्यकारी एजेंसी की होगी। कहा है कि कार्यकारी एजेंसी वन विभाग से एनओसी प्राप्त करने के बाद ही योजनाओं का कार्य प्रारंभ करेगी। कार्यकारी एजेंसी को संबंधित योजनाओं की विभिन्न चरणों में स्टील फोटोग्राफी कराने और अभिलेख में संलग्न करने का भी निर्देश दिया है। कार्य प्रारंभ करने के पूर्व एजेंसी को योजना स्थल पर योजना से संबंधित सूचना पट लगाना है।

उपायुक्त ने कहा है कि इस कार्य की समीक्षा प्रतिमाह नियमित रूप से की जाए। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक योजना की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन जिला विकास शाखा को उपलब्ध कराना है। उक्त योजना के लिए कुल 75 लाख 29 हजार 654 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

सरकार के सचिव ने दिया था निर्देश : 14 दिसंबर 2018 को सरकार के सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें सचिव ने जल मंदिर, चोपड़ा कुंड जलापूर्ति योजना से संबंधित प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया था। इसी के आलोक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल-2 के कार्यपालक अभियंता ने प्राक्कलन तैयार कर उपायुक्त को सौंपा था, जिसे उपायुक्त ने सरकार को भेजा था, जिसके आधार पर इसे स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन स्थानों पर होगी जलापूर्ति :

जारी पत्र के अनुसार दो जलापूर्ति योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। एक पारसनाथ पहाड़, साहेब डाढी से जल मंदिर और दूसरी योजना पारसनाथ पहाड़, डाक बंगला और चोपड़ा कुंड के लिए होगी। इन स्थानों में पाइप लाइन बिछाकर सोलर पावर से जलापूर्ति की जाएगी।

Posted By: Jagran

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