तिसरी : कोरोना वायरस का भय शहर से गांव तक फैल गया है। जानलेवा वायरस से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। विदेशों और महानगरों से वापस आने वाले लोगों की जांच करने का आदेश दिया गया है, लेकिन विदेश से वापस लौटे एक व्यक्ति की छह दिन बाद भी जांच नहीं की जा सकी है। परिजनों ने जांच करने पहुंची टीम को वापस लौटा दिया।

गत 13 मार्च को कोलकाता होकर विदेश से दो लोगों के चन्दौरी व पालमरुआ आने की सूचना जिला सर्विलेंस पदाधिकारी ने तिसरी स्वास्थ्य विभाग को दी। तिसरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टर महेश्वरम के नेतृत्व में टीम ने मुखिया गोपी रविदास के सहयोग से वापस लौटे चन्दौरी के मोदीबिगाह के युवक की जांच की, लेकिन पालमरुआ के संदिग्ध की जांच नहीं की जा सकी है। परिजनों के विरोध के बाद जांच के लिए पहुंची टीम बैरंग लौट गई। डॉ. महेश्वरम ने कहा कि संदिग्ध के घर जांच के लिए गए थे। परिजनों ने उनलोगों को उक्त व्यक्ति से मिलने तक नहीं दिया। परिजन जांच करने का विरोध करने लगे। इस कारण बिना जांच किए वापस लौट गए। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।

बता दें कि महानगरों में काम करने वाले लोग कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए वापस घर लौटने लगे हैं। तिसरी प्रखंड की चन्दौरी व पालमरुआ पंचायत के अधिकांश लोग केरल में रोजगार करते हैं। कोरोना वायरस के कारण केरल से वापस लौटने वालों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। इस पर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।

भाजपा के चन्दौरी मंडल अध्यक्ष रवीन्द्र पंडित ने बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए बीडीओ से बात की।

Posted By: Jagran

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