गिरिडीह : जिला जज आठ विनोद कुमार सिंह की अदालत ने जमानत रद करने के दो मामलों को खारिज कर आवेदिका पर दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने दोनों मामलों में एक-एक ह•ार रुपए की जुर्माना राशि 15 दिनों के अंदर नजारत में जमा करने का आदेश दिया है। अपने आदेश में न्यायालय ने कहा कि ससुर, पति के बड़े भाई और देवर की जमानत केस डायरी और तथ्य के आधार पर दी गई थी। इस तरह का आवेदन देने से न्यायालय का समय बर्बाद होता है। न्यायालय ने सख्त रूख अपनाते हुए आवेदिका के आवेदन को खारिज किया। जमानत रद करने की आवेदिका रूबी देवी ने अपने ससुर,पति के बड़े भाई और देवर को मिले जमानत की रद्द करने का आवेदन दी थी। न्यायालय ने हरिहर उपाध्याय और अनुराग उपाध्याय को 22 दिसंबर2018 को और प्रमोद उपाध्याय को 15 जनवरी 2019 को अग्रिम जमानत दी थी। हरिहर उपाध्याय रूबी देवी के ससुर हैं जबकि प्रमोद उसके बड़े भाई के पति और अनुराग देवर हैं। रूबी ने अपने पति के अलावा ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का केस की थी। अपने केस में कही थी कि उसकी शादी 2011 में हुई थी ।शादी के बाद ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।

Posted By: Jagran

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