गिरिडीह: कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना व उपचार को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट रहते हुए सतर्कता व एहतियात बरतने पर जोर दी है। इससे निबटने की मुकम्मल व्यवस्था भी की है। कोरोना के संदिग्ध की पहचान होने पर उसे सतत निगरानी में रखने को लेकर सदर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। फिर भी जिलेवासियों को इससे प्रभावित होने से बचने के लिए पूरी तरह से सतर्क रहने की जरूरत है और एहतियात के तौर पर मास्क व सेनिटाइजर की उपयोग करने की सलाह दी गई है। उक्त बातें कोरोना पर समाहरणालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कही।

उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। वैसे जिले में इससे किसी के संक्रमित होने के रूप में पहचान नहीं की गई है। बल्कि संदिग्ध के तौर पर सतत निगरानी में चौदह दिन के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखने की व्यवस्था की गई है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियात बरतना जरूरी है। इससे बचाव को लेकर जिले के स्कूल, कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान समेत सिनेमा हॉल, पार्क, छात्रावास आदि को 14 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। सांस्कृतिक आयोजनों व खेल कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है। कहा कि कोरोना संक्रमण से एक-दूसरे में फैलता है जिसका इलाज अभी तक इजाद नहीं किया जा सका है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के टच में आने पर सामान्य व्यक्ति में फैलता है। ऐसे में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करने की जरूरत है। एक-दूसरे को इससे बचाव को लेकर जागरूक करने की जरूरत है। डीसी ने कहा कि यह ज्यादातर नाक के माध्यम से फैलता है। ऐसे में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए हाथों को समय-समय पर धोने का काम करें तथा बेवजह आंख, नाक व मुंह को न छुएं। खांसते व छींकते वक्त साफ रूमाल का इस्तेमाल करते हुए माथे को घुमा कर बांह की ओर छींके व खांसे। लोगों के सीधे संपर्क में आने के बजाय टेलीफोनिक संपर्क स्थापित करने की जरूरत है। हाट बाजार में लगने वाली भीड़ को जांच करने के लिए साप्ताहिक हाटों में एंबुलेंस व मेडिकल टीम को भी तैनात करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आयोजन को जुलूस का रूप देने से बचने पर जोर दिया। इसके अफवाह से लोग भयभीत हो रहे हैं। ऐसे में इसके अफवाह से बचते हुए लोगों को सावधानियां बरतते हुए जागरूक करने में सभी को पहल करने की जरूरत है। तेज बुखार, सर्दी, सूखा खांसी, सिर दर्द, बदन दर्द एक साथ होने पर संभावना जताते हुए इसकी जांच कराने की जरूरत है। प्रेस वार्ता में प्रभारी सिविल सर्जन सह जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ सिद्धार्थ सान्याल, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा, डीपीएम प्रतिमा कुमारी के अलावा अन्य मौजूद थे।

- बहुत जरूरी बैठक ही होगी आयोजित : डीसी ने कहा कि बहुत ही आवश्यक होने पर ही बैठकों का भी आयोजन किया जाएगा। जरूरी नहीं होने पर सरकारी कार्यालयों में बैठक नहीं की जाएगी। समाहरणालय में भी एहतियात के तौर पर बैठकें कम कर दी गई है। ऐसे में जरूरी बैठकें कर दिशा निर्देश दी जा रही है।

- सतत निगरानी को बनी है चिकित्सीय टीम: कोरोना वायरस से संदिग्ध मरीज की सतत निगरानी को लेकर एक विशेष चिकित्सीय टीम बनाई गई है। चिकित्सीय टीम को कोरोना के संदिग्ध मरीजों की निगरानी, जांच व उपचार को लेकर प्रशिक्षित भी किया गया है। इस टीम में दो चिकित्सक व चार पारा मेडिकल कर्मी शामिल हैं। कोरोना के संदिग्ध को आईसोलेशन वार्ड में रख कर चौदह दिनों तक निगरानी करने की व्यवस्था की गई है।

- अधिक मात्रा में मास्क नहीं देने का निर्देश : कोरोना से अपने आपको बचाने के लिए मास्क व सेनिटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके तहत दवा दुकान संचालकों को अपनी-अपनी दुकानों में पर्याप्त मात्रा में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि एक व्यक्ति को एक-दो से ज्यादा मास्क न बेचें। साथ ही कालाबाजारी करने से बचने की हिदायत दी गई है। बगैर चिकित्सक के पूर्जे की दवा नहीं देने की भी निर्देश दी गई है।

- यात्री वाहनों में साफ-सफाई पर जोर: डीसी ने कोरोना से बचाव को लेकर साफ-सफाई को लेकर अलर्ट रहने का सख्त निर्देश दिया है। इसे लेकर वाहन मालिकों को अपनी-अपनी बसों में सेनिटाइजर का पूरा उपयोग करते हुए स्वच्छता बरतने का निर्देश दिया गया है। अंतरराज्यीय दूरी तय करने वाली बसों के अलावा अन्य सभी प्रकार की वाहनों में इसके उपयोग पर बल दिया गया है।

- एमजीएम भेजा जाएगा रक्त सैम्पल: प्रभारी सिविल सर्जन सह जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ सिद्धार्थ सान्याल ने कहा कि कोरोना से बचाव को जागरूक होना जरूरी है। वर्तमान में कोरोना का कोई इलाज नहीं है। सामान्यतया सर्दी, खांसी व बुखार आने पर घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि चिकित्सक से सलाह लेने की जरूरत है। अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। संदिग्ध व्यक्ति में अगर आइसोलेशन के बाद भी संक्रमण का लक्षण पाया जाता है तो उसका रक्त नमूना लेकर जांच के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल भेजा जाएगा क्योंकि इसकी जांच की वहीं व्यवस्था है।

- सभी धर्म के लोग करें सहयोग: डीसी ने कहा कि कोरोना का संक्रमण एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर फैलता है। ऐसे में मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा व गिरिजाघर में अराधना की समय को थोड़ा कम करने की जरूरत है। साथ ही ज्यादा भीड़ होने पर कम संख्या में बारी-बारी से अराधना के लिए भेजा जाए। सभी धर्मों के लोगों से अपील की जाती है कि कोरोना से लड़ने में पूरा सहयोग दें।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस