संवाद सहयोगी, गढ़वा। सदर प्रखंड के फरठिया गांव में रविवार की शाम में सुरेश उरांव (40) की मौत हो गई। वह चरवाहा था। उसकी मौत के बाद ग्रामीणों व पंचायत के मुखिया के बीच ठन गई है। ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि सुरेश की मौत भूख से हुई है।

उनका कहना है कि उसके नाम पर न तो राशन कार्ड बना था, न ही उसके घर में राशन मौजूद था, जबकि पंचायत के मुखिया शहंशाह का दावा है कि सुरेश मानसिक बीमारी एवं टीबी रोग से ग्रसित था। बतौर प्रमाण मुखिया ने गढ़वा सदर अस्पताल में चल रहे सुरेश के इलाज की पर्ची भी दिखाई। मुखिया ने कहा कि सुरेश की पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी। उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद से वह गांव के ही कुछ लोगों के पशु चराकर अपना भरण-पोषण करता था।

टीबी रोग का प्रभाव अधिक बढ़ने के कारण उसकी मौत हो गई है। हालांकि ग्रामीण मुखिया की बात मानने को तैयार नहीं हैं। वे मौत का कारण भूख बताने पर अडिग हैं। बाद में शाम को ही ग्रामीणों ने सुरेश के शव को दफना दिया। इस मामले को लेकर प्रशासन को किसी प्रकार की सूचना दिए जाने की बात सामने नहीं आई है।

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Posted By: Sachin Mishra

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