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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नहीं रहे भगवान परशुराम का किरदार निभा रहे विनोद, सीता स्‍वयंवर के मंचन के दौरान आया हार्ट अटैक, दुनिया को कहा अलविदा

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Thu, 19 Oct 2023 01:48 PM (IST)Updated: Thu, 19 Oct 2023 02:06 PM (IST)

जानकी पुत्री माता सीता की स्‍वयंवर सभा चल रही थी। प्रभु श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। तभी परशुराम पहुंचे और ...और पढ़ें

नाटक के बीच दिल का दौरा पड़ने से व्‍यक्ति की मौत।
नाटक के बीच दिल का दौरा पड़ने से व्‍यक्ति की मौत।

सुधीर कुमार, गढ़वा। कम उम्र में ही ह्रदय रोग किस तरह जानलेवा साबित हो रहा है, इसका जीवंत उदाहरण मंगलवार की रात गढ़वा जिले के डंडई में रामलीला के दौरान देखने को मिला।

सीता माता के स्‍वयंवर के दौरान पड़ा दिल का दौरा

स्टेज पर रामलीला का मंचन हो रहा था। रामायण के सीता स्वयंवर का प्रसंग था। धनुष टूटने के थोड़ी देर बाद स्वयंवर में भगवान परशुराम पहुंचते हैं। वह जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहते हैं- धनुष को किसने तोड़ा? धनुष को किसने तोड़ा? जल्दी बताओ... जल्दी...।

इसी बीच अचानक अचेत होकर मंच पर गिर पडते हैं। पहले तो कलाकारों और दर्शकों ने समझा कि यह मंचन का हिस्सा है। कुछ देर नहीं उठते हैं, तो दूसरे कलाकर उनकी तरफ दौड़ते हैं। उठाने की कोशिश की जाती है। वह नहीं उठते हैं। इसके बाद नाटक का पर्दा गिर जाता है।

नाटक का मंचन

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अस्‍पताल में डॉक्‍टरों ने किया मृत घोषित

दरअसल, नवरात्र के मौके पर करके गांव में रात के समय रामलीला का मंचन हो रहा था। जनक पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए धनुष यज्ञ होता है। स्वयंवर में भगवान राम धनुष को तोड़ते हैं। इसके बाद तमतमाते हुए गुस्से में भगवान परशुराम पहुंचते हैं।

परशुराम की भूमिका विनोद प्रजापति (40) निभा रहे थे। जब वह अचेत होकर गिर जाते हैं, तो नाटक का पर्दा गिरा दिया जाता है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृत्यु का कारण दिल का दौरा बताया गया।

विनोद प्रजापति की फोटो

अंतिम संस्‍कार में बड़ी संख्‍या में जुटे लोग

विनोद करके गांव के ही निवासी थे। वे झामुमो के पंचायत अध्यक्ष थे। वह पूरी तरह से स्वस्थ थे और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उ

नकी मौत से हर कोई दंग रह गया। घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड माटी कला बोर्ड के निवर्तमान सदस्य अविनाश देव, योगेंद्र प्रजापति, अनूप कुमार प्रजापति ने उनके घर पहुंचकर स्वजनों को ढांढस बंधाया।

हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

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