गढ़वा, जेएनएन। चिनियां थाना क्षेत्र के हेताड कला गांव में अज्ञात बीमारी का प्रकोप से अब तक आधा दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। फिर भी पशुपालन विभाग के अधिकारी बेपरवाह एवं लापरवाह बने बैठे हैं। पशुओं के शरीर के कई हिस्सों में सिक्के भर के चकते निकल रहे हैं।

इसकी जानकारी देते हुए बुधवार को हेताड़ कला हथबझवा तथा सरई दोहर गांव के सेवक कोरवा, चंद्रिका सिंह, गुठल तुरिया, संतोष कुमार प्रसाद, अनिल कोरवा,चंदेश्वर कोरवा, परमेश्वर यादव, सुरेंद्र सिंह, उदय तूरिया, देव नारायण सिंह, सहित कई पशुपालकों ने बताया कि हमारे पशुओं को अज्ञात बीमारी हुए लगभग 15 दिन होने को चला हैं। जबकि गांव में लगभग आधा दर्जन पशुओं की मौत भी हो चुकी है। फिर भी अभी तक ना तो पशुपालन विभाग के कोई डाक्टर इस गांव में पहुंचे हैं और ना ही कोई अधिकारी पदाधिकारी।

बताते चले कि इस गांव के ज्यादातर लोगों की जीविका पशुपालन के सहारे ही होता है। पशुओं की मौत होने के बाद पशुपालकों की कमर सी टूट गई है। इन्होंने अपने मृत हुए पशुओं के एवज में सरकार से मुआवजे की मांग की है तथा जल्द से जल्द गांव में पशु डाक्टर को भेज कर सभी पशुओं का इलाज करने की मांग की है।

पक्ष, गांव में पशुओं में बीमारी फैलने की सूचना हमें नहीं मिली है अगर ऐसा है तो निश्चित रूप से वहां पशु डाक्टर को भेजकर पशुओं का इलाज किया जाएगा। फिलहाल सभी पशुपालक अपने पशुओं के प्रति सावधानी बरतें। जल्द ही गांव में डाक्टरों की टीम को भेजी जाएगी।- धनंजय कुमार, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी बीएचओ

गढ़वा के उड़सुगी में रेलगाड़ी से कटकर 45 भेड़ों की मौत

गढ़वा रोड-चोपन रेलखंड पर गढ़वा थाना क्षेत्र के उड़सुगी गांव के समीप यात्री रेलगाड़ी की चपेट में आने से 45 भेड़ों की मौत हो गई। घटना बुधवार की है। सभी भेड़ उड़सुगी गांव निवासी सरजू पाल की बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार करीब 200 की संख्या में भेड़ गढ़वा रोड-चोपन रेलखंड के बगल में उड़सुगी गांव के समीप चर रही थीं। इसी दौरान भेड़ रेलवेलाइन पार कर दूसरी ओर जाने लगे। चोपन से गढ़वा रोड की ओर जाने वाली रेलगाड़ी आ गई। हादसे में 45 भेड़ रेलगाड़ी की चपेट में आ गई। जिससे घटनास्थल पर ही 45 भेड़ों की मौत हो गई।  

Edited By: Sandeep Keshri

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