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झारखंड में चक्रवाती तूफान से धान-आलू की फसलें बर्बाद, गढ़वा सहित कई जिलों में प्राकृतिक आपदाओं से किसान परेशान

Published: Thu, 29 Oct 2026 04:17 PM (IST)

कांडी प्रखंड में चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवा ने धान व आलू की फसलों ...और पढ़ें

रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण खेत में गिरा धान का फसल।

रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण खेत में गिरा धान का फसल।

HighLights

  1. चक्रवाती तूफान अर्णव से कांडी में बारिश और तेज हवा।

  2. खेतों में पककर तैयार धान और आलू की फसलें गिरीं।

  3. किसानों की मेहनत पर पानी फिरा, आर्थिक नुकसान की आशंका।

संवाद सूत्र, कांडी (गढ़वा)। झारखंड में फसलों पर चक्रवात का बुरा असर पड़ा है। बुधवार की रात से 'अर्णव' चक्रवाती तूफान के प्रभाव के कारण हुई बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

बारिश और तेज हवा के चलते खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिर गई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है। वहीं, बारिश के कारण आलू की फसल भी प्रभावित हुई है। अचानक मौसम में आए बदलाव से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

कांडी प्रखंड के विभिन्न भागों में गांवों में किसान धान की फसल की कटाई की तैयारी कर रहे थे। कई किसानों की धान की फसल खेतों में पककर तैयार हो चुकी है। ऐसे समय में तेज हवा और बारिश के कारण फसल के गिर जाने से धान की कटाई और उपज पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

खेतों में गिरी धान की फसल को काटने में किसानों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने का भी डर बना हुआ है। वहीं, आलू की खेती करने वाले किसानों को भी बारिश के कारण नुकसान की चिंता सता रही है।

प्राकृतिक आपदाओं से लगातार जूझ रहे किसान

कांडी प्रखंड के किसान पहले से ही मौसम की मार झेलते आ रहे हैं। कभी बाढ़, कभी सुखाड़ तो कभी अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। किसान कर्ज लेकर बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़ी अन्य आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था करते हैं।

इसके बाद दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। किसानों की परेशानी उस समय और बढ़ जाती है, जब खेतों में तैयार फसल प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ जाती है। कई बार किसानों को खेतों में अच्छी फसल होने की उम्मीद रहती है, लेकिन मौसम की मार के कारण उनकी उम्मीदें टूट जाती हैं।

बारिश और ठंड से पशुपालकों की भी बढ़ी परेशानी

बुधवार की रात से हुई बारिश और तेज हवा के कारण क्षेत्र में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। मौसम में अचानक आए बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, पालतू पशुओं को पालने वाले पशुपालकों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।

ठंड और बारिश के कारण पशुओं की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने के साथ-साथ उनके चारे और देखभाल की व्यवस्था करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।