गढ़वा : पेट्रोल डीजल के मूल्य में वृद्धि के विरोध में सोमवार को विपक्षी दलों का भारत बंद सोमवार को जिले में बेअसर रहा। गढ़वा, नगर उंटारी, रमना सहित अन्य जगहों पर बंद को लोगों ने नकार दिया। आम दिनों की तरह बाजार व दुकानें खुली रहीं। सिर्फ लंबी दूरी की बसें नहीं चलीं। हालांकि छोटे यात्री वाहन व ऑटो चलते रहे। निजी वाहनों से भी लोगों ने यात्रा की।

सुबह नौ बजे के बाद बंद समर्थक सड़क पर उतरे तथा विरोध प्रदर्शन किया मगर पहले से मुस्तैद पुलिस ने बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया। बंद के दौरान जिले में प्रदर्शन करने विभिन्न जगहों पर सड़कों पर उतरे विभिन्न दलों के 275 नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। भारत बंद के आह्वान के बावजूद जिला मुख्यालय में दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रही। हालांकि बंद समर्थक जब सड़क पर उतर रहे थे तो लोग दुकानें बंद कर दे रहे थे तथा उनके वहां से गुजरने के बाद पुन: दुकानें खुल जा रही थी। जिला मुख्यालय में झामुमो, कांग्रेस, राजद, भाकपा माले समेत अन्य दलों के नेता एवं कार्यकर्ता सड़क पर बंद कराने निकले। मझिआंव मोड़ एवं रंका मोड़ पर झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। जिसके कारण लगभग एक घंटे तक सड़क जाम रहा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। भारत बंद के समर्थन में झामुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम खां, मनोज कुमार ठाकुर, कंचन केशरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर¨वद कुमार तूफानी, प्रभात कुमार दुबे उर्फ बड़ु दुबे, कामेश्वर बैठा, अलख निरंजन चौबे, अजय दुबे, श्रीकांत तिवारी, ओबैदुल्लाह हक अंसारी, सत्यनारायण यादव, विजय राम, उदय नारायण तिवारी, राजद जिलाध्यक्ष जमीरूदीन अंसारी, सूरज ¨सह, डा. एमएन खां, भाकपा माले के कालीचरण मेहता, सुषमा मेहता, किशोर कुमार, वीरेंद्र चौधरी, कामेश्वर विश्वकर्मा, लालमुनी गुप्ता, ओमप्रकाश उरांव, अनीता तिवारी, ब्रहमदेव चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, मुखलाल चौधरी आदि शामिल हुए। बंद को लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से ही मुस्तैद रही। सीओ बैजनाथ कामती, थाना प्रभारी अनिल कुमार ¨सह पुलिस बल के साथ सक्रिय दिखे।

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