गढ़वा: पलामू प्रमंडल के तीनों जिला विकास के मामले में उपेक्षित महसूस करता रहा है। पलामू प्रमंडल का जितना विकास होना चाहिए उतना नहीं हो पाया है। वर्तमान व पूर्व के सांसदों ने पलामू प्रमंडल की समस्या की जनता को सिर्फ ठगने का काम किए हैं। चुनाव के समय सभी जनप्रतिनिधियों ने जनता के साथ जो वादा किए उसे पूरा नहीं कर सके। 2019 का लोकसभा व विधानसभा चुनाव वैसे जनप्रतिनिधियों को जनता सबक सिखाने को तैयार है। उक्त बाते नवजवान संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सह भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भानु प्रताप शाही ने रविवार को गढ़वा के फरठिया स्थित डेंटल कॉलेज में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। विधायक ने कहा कि मुझे 18 माह का मौका मिला था तो पलामू में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दिलायी थी। वर्ष 2008 का काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ है। इसी से साफ तौर से पता चल रहा है कि पलामू प्रमंडल को उपेक्षित किया गया है। पलामू प्रमंडल अकाल का दंश झेल रहा है। लेकिन सरकार पलामू प्रमंडल को अकाल क्षेत्र घोषित नहीं कर रहा है। भानु ने कहा कि नवजवान संघर्ष मोर्चा पलामू व चतरा लोकसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में मजबूती के साथ खड़ा करेगा। जबकि पलामू प्रमंडल के 11 विधानसभा सीट पर नसंमो अपना प्रत्याशी खड़ा करेगा। इसकी को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल के सभी विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन सह विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिसका शुरूआत गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या को लेकर जो संघर्ष करेगा उसी को जनता अपना समर्थन देगा। इस मौके पर नवजवान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष बबलू पटवा, पलामू जिलाध्यक्ष कृपाल ¨सह, राजीव रंजन तिवारी, भगत दयानंद यादव, सतीश पाठक, मनोज पहाड़िया, मृत्युंजय तिवारी, लक्ष्मण राम आदि लोग उपस्थित थे।

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