झारखंड में खाप पंचायत की दबंगई, 3 लाख रुपये डकारकर बहू को किया घर से बेदखल
गढ़वा में खाप पंचायत ने मानवीयता और कानून को दरकिनार कर एक महिला को झूठे आरोपों पर घर से बेदखल कर दिया और तीन लाख रुपये हड़प लिए।

झारखंड में खाप पंचायत की दबंगई, 3 लाख रुपये डकारकर बहू को किया घर से बेदखल
HighLights
खाप पंचायत ने महिला को झूठे आरोप पर घर से निकाला।
दहेज के लिए प्रताड़ित कर जबरन तलाक कराया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की जांच शुरू।
संवाद सहयोगी, गढ़वा। जिले में मानवीयता और कानून को दरकिनार कर खाप पंचायत की दबंगई का एक दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां ससुराल पक्ष की सोची-समझी साजिश और भ्रष्ट पंचों के काले कारनामों ने एक बेटी का जीवन तबाह कर दिया है।
थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक न्याय की गुहार लगा रही पीड़िता की यह दास्तान व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है।
दहेज के लिए शुरू हुआ प्रताड़ना का काला खेल
यह पूरा मामला धुरकी थाना क्षेत्र के केतमा गांव का है जहां वर्ष 2013 में चिनियां थाना क्षेत्र के बिलौतीखैर गांव के निवासी जुगा सिंह की पुत्री पूजा कुमारी की शादी हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार संतोष सिंह के साथ हुई थी।
शादी के शुरुआती छह वर्षों तक संतान न होने पर ससुराल वाले पूजा को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। शराबी पिता द्वारा दहेज में कुछ न दिए जाने का ताना देकर उसे हर रोज अपमानित किया जाता था।
सास-ससुर अपने बेटे संतोष की दूसरी शादी करने की फिराक में थे कि इसी बीच वर्ष 2019 में पूजा ने एक बेटे कुंदन कुमार सिंह को जन्म दिया, जो वर्तमान में सात वर्ष का है। बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल वालों की नीयत नहीं बदली और उन्होंने पूजा को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
टांगी के नोक पर झूठा कबूलनामा और पंचायत का तुगलकी फरमान:
सुनियोजित साजिश के तहत सास, ससुर और पति ने मिलकर पूजा के साथ बेरहमी से मारपीट की। उसकी गर्दन पर टांगी रखकर गला काटने का भय दिखाया और जबरन यह कहलवाया कि उसका अवैध संबंध गांव के ही भसूर सुनील सिंह के साथ है।
इस जबरन बुलवाए गए बयान का वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग कर लिया गया। इसी रिकॉर्डिंग को आधार बनाकर केतमा गांव में मुखिया प्रतिनिधि के नेतृत्व में पंचायत बैठाई गई।
पंचायत में भसूर सुनील सिंह को बुलाकर उसे गांव और समाज से बाहर करने का खौफ दिखाया गया तथा दंड के रूप में तीन लाख रुपये वसूलने का तुगलकी फरमान सुनाया गया।
पंचों ने न तो पूजा की बात सुनी और न ही सुनील सिंह का पक्ष जाना। इसके बाद मायके वालों को बुलाकर जबरन विवाह विच्छेद यानी छुटा-छूटी करा दिया गया और सात साल के मासूम बेटे को भी पूजा से छीनकर उसे जबरन बिलौतीखैर भेज दिया गया।
तीन लाख का बंदरबांट और विरोध करने पर मायके के पंचों ने भी निकाला घर से:
इसके बाद हैरान करने वाला मामला यह भी आया कि पंचायत के नाम पर वसूले गए पूरे तीन लाख रुपये को बिलैतीखैर के पंच सुरेंद्र सिंह और केतमा के पंचों ने आपस में मिलकर हड़प लिया।
जब पीड़िता पूजा देवी ने अपने मायके के पंच सुरेंद्र सिंह से यह सवाल किया कि उसे पति से अलग भी कर दिया गया और एक भी रुपया नहीं मिला तो पंच सुरेंद्र सिंह आग बबूला हो गए।
सुरेंद्र सिंह ने अन्य पंचों के साथ मिलकर पीड़िता, उसकी मां और छोटी बहन को भी घर से बाहर निकाल दिया। बेसहारा हुईं ये तीनों महिलाएं फिलहाल गढ़वा शहर में अपने किसी परिचित के यहां शरण लेकर मजदूरी करने को विवश हैं।
पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश के बाद पुलिस महकमे में मचा हड़कंप:
न्याय की आस में पीड़िता पूजा देवी ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर पुलिस अधीक्षक गढ़वा के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने धुरकी थाना प्रभारी को तत्काल कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में खाप पंचायतों की तानाशाही और भ्रष्ट पंचों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।
