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संदीप केसरी शौर्य, गढ़वा : जिले के तकनीकि प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगारों को प्रोत्साहन राशि या भत्ता देने का मामला खटाई में पड़ गया है। सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश नहीं दिए जाने के कारण योजना पर ब्रेक लग गया है। इस योजना को ले सरकार द्वारा जिले को प्राप्त चार करोड़ 70 हजार रुपये नियोजनालय द्वारा वापस भेज दिया गया है। इस कारण योजना पर ब्रेक लग गया है। जिले के प्रशिक्षित बेरोजागरों को भत्ता मिलने की आस पर पानी फिरता दिख रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत जिले के प्रशिक्षित बेरोजगारों को प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। जिले के तकनीकि प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगारों से इसके लिए आवेदन भी मांगा गया था। विभिन्न संस्थानों से प्रशिक्षक प्राप्त कर 360 महिला व पुरुष बेरोजगारों ने आवेदन भी किया था, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। अब विभाग को सरकार के अगले आदेश का इंतजार है। -किन बेरोजगारों को मिलनी थी प्रोत्साहन राशि

राज्य के विभिन्न विभागों की ओर से संचालित कौशल प्रशिक्षण केंद्र, आइटीआइ, सरकारी पालीटेक्निक, सरकारी व्यवसायिक पाठ्यक्रम, नेशनल स्कील क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क एनएसक्यूएफ से संबद्ध संस्थानों से प्रशिक्षण लिया। उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन करने वाले विधवा, परित्यक्ता, आदिम जनजाति के सदस्य व दिव्यांग आवेदक को सरकार द्वारा सामान्य आवेदकों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक भत्ता दी जाएगी। यानि सामान्य आवेदक को जहां 5 हजार रुपये प्रति वर्ष बेरोजगारी भत्ता दी जानी थी, वहीं उपरोक्त श्रेणी के आवेदकों को 7 हजार पांच सौ रुपये बेरोजगारी भत्ता मिलनी थी।

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पक्ष

मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत तकनीकि प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगारों को प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। जिसके लिए राशि भी आ चुकी थी। मगर राशि वितरण से संबंधित सरकार से निर्देश प्राप्त नहीं होने के कारण राशि वापस हो गई है। अगले निर्देश का इंतजार है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

संतोष कुमार, जिला नियोजन पदाधिकारी, गढ़वा।

Edited By: Jagran