बासुकीनाथ : जरमुंडी प्रखंड के बाल श्रमिक विद्यालय के कर्मियों ने अपने बकाए मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। इस बाबत बाल श्रमिक विद्यालय कर्मियों ने मानवता का हवाला देते हुए उपायुक्त राजेश्वरी बी से समस्या का समाधान करने की मांग की है। ताकि दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहारों में आíथक तंगी से जूझ रहे उनके परिवार को चंद खुशियां नसीब हो सके। शिक्षक महेश कुमार साह ने बताया कि दुमका जिले के जरमुंडी एवं सरैयाहाट में संचालित बाल श्रमिक विद्यालय के कर्मियों को विगत 24 माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। बाल श्रमिक विद्यालय के कर्मियों का विगत वर्ष अक्टूबर 2017 से मानदेय का भुगतान लंबित है। पीड़ित कर्मियों का कहना है कि परियोजना कार्यालय में मानदेय भुगतान की मांग करने पर पदाधिकारी यह कहकर भेज देते हैं कि पूर्व की बचत राशि से भुगतान नहीं किया जा सकता है। जब दिल्ली से आवंटन प्राप्त होगा। तब ही मानदेय का भुगतान किया जा सकता है। इधर केंद्र से आवंटन राशि भेजने की जो जटिल प्रक्रिया है। वह भी जिला प्रशासन पूíत करने में असमर्थ है। कर्मी बताते हैं कि दुर्गापूजा को देखते हुए करीब एक सौ कर्मी लंबित मानदेय भुगतान को लेकर पूरी तरह निराश हो चुके हैं। लंबी अवधि से मानदेय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। एक ओर कर्मी भूखे मर रहे हैं तो दूसरी ओर जिला में रुपये पड़े हुए हैं। जो किसी काम का नहीं है। अगर जिला में रखा बचत राशि से सभी कर्मियों को मानदेय दे दिया जाता है आíथक तंगी से जूझ रहे कर्मियों को राहत मिल जाएगी। जवाहर झा, पार्वती देवी, महेश कुमार, कविता देवी, ओमप्रकाश भगत, पूनम कुमारी, देव नारायण दास, चंद्र किशोर प्रसाद सिंह, धर्मदेव मंडल सहित अन्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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