दुमका, जासं। दुमका रेलवे स्टेशन (Dumka Railway) का रविवार को पूर्व रेलवे (Eastern Railway) के महाप्रबंधक अरुण अरोड़ा (General Manager Arun Arora) ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि रेलवे प्रबंधन की नजर में दुमका काफी महत्वपूर्ण स्टेशन है। आने वाले दिनों में यहां से दिल्ली के अलावा अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए ट्रेन की सुविधा बहाल होगी। यात्री सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी। आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। सुंदरीकरण तेजी से होगा।

झारखंड की अर्थव्‍यवस्‍था खनन पर टिकी

महाप्रबंधक ने कहा कि झारखंड (Jharkhand) में सबसे अधिक खनन (Mining) होता है। राज्य की अर्थव्यवस्था इसी पर टिकी हुई है। संताल परगना (Santhal Pargana) के लिए गोड्डा (Godda) से पीरपैंती रेल खंड क्षेत्र (Pirpainti Rail Section) के लिए लाइफलाइन होगा। दुमका रेलवे स्टेशन का निरीक्षण के बाद एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोयला रैक की वजह से होने वाले प्रदूषण को हर स्तर पर कम किया जाएगा।

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (pollution control board) के तमाम मानकों का पालन होगा। यहां उड़ने वाले धूलकण के प्रभाव को स्प्रिंकलर से कम किया जाएगा। इसके लिए तीन से पांच करोड़ रुपये तक खर्च होंगे। अगर यहां के रेलवे साइडिंग को बंद कर दिया गया तो विकास बाधित हो जाएगा। साइडिंग की वजह से यहां रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

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गोड्डा से पीरपैंती रेल लाइन को बनाया जाएगा लाइफलाइन

रेल लाइन क्षेत्र के लिए लाइफलाइन होगा। इस परियोजना पर 1,386 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरी राशि का वहन केंद्र सरकार करेगी। पूर्व इस योजना पर केंद्र व राज्य को 50-50 प्रतिशत राशि खर्च करना था, लेकिन राज्य सरकार ने हाथ खींच लिया इसलिए अब नए सिरे से इस परियोजना पर केंद्र सरकार ने पूरी राशि की स्वीकृति दे दी है। यह रेल लाइन गोड्डा के सांसद डा.निशिकांत दुबे के प्रयासों का नतीजा है। अगले तीन से चार साल में इस परियोजना के पूरा होने से इस क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य पूरी तरह से बदल जाएगा।

नए सिरे से विकसित होगा देवघर स्टेशन

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि देवघर रेलवे स्टेशन को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इसे यहां पर्यटन को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। इसी तरीके से बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन (Basukinath Railway Station) का भी सुंदरीकरण होगा।

इसके बाद गोड्डा में 60 करोड़ रुपये की लागत से कोचिंग डिपो की स्वीकृति दी गई है। इसको लेकर देवघर में भी कोचिंग फैसिलिटी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बाद जसीडीह (जसीडीह) और मधुपुर बाइपास (Madhupur bypass) का काम चल रहा है। इस मौके पर नेतुर पहाड़ी के ग्रामीणों ने महाप्रबंधक को दुमका रेलवे स्टेशन से कोयला रैक प्वाइंट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

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Edited By: Arijita Sen

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