संवाद सहयोगी, शिकारीपाड़ा : दुमका जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी ताकत झोंकने के बाद भी जमीनी हकीकत इससे इतर है। शिकारीपाड़ा प्रखंड के शिवतल्ला पंचायत अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में मनरेगा के तहत 1148 शौचालय निर्माण के लिए राशि की निकासी रोजगार सेवक और वेंडर ने कर ली। लेकिन लाभुकों को पता तक नहीं है कि उनके नाम पर राशि की निकासी की गई है। मनरेगा बीपीओ सामुएल किस्कू बताते हैं कि यह सारा कार्य उनके योगदान से पूर्व का है। राशि वेंडर विनोद मंडल के खाते में डाली गई है। पंचायत में सात गांव है। पंचायत में वित्तीय वर्ष 2016-17 में तयशुदा 87 प्रधानमंत्री आवास निर्माण का एकरारनामा किया गया लेकिन मात्र 75 ही पूर्ण हुए हैं। 2018-19 में आठ आवास का लक्ष्य था। इनमें सात का ही एकरारनामा हुआ है। पंचायत के मुखिया राजेश मरांडी के जेल में रहने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

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क्या कहते हैं ग्रामीण : अब्दुल बारी कहते है कि शौचालय निर्माण के लिए रोजगार सेवक एवं वेंडर विनोद मंडल फोटो ¨खच कर गये लेकिन शौचालय नहीं बना। काफी भागदौड़ के बावजूद कुछ नहीं बता रहे हैं। इकरामुल ने कहा कि उसका भी फोटो लिया गया था लेकिन शौचालय नहीं बना। राशि का निकासी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। गांव के नसीमुद्दीन, इसराफिल, अब्दुल समेत कई ग्रामीणों की भी कमोबेश यही शिकायत है।

Posted By: Jagran