जागरण संवाददाता, दुमका: संताल परगना महाविद्यालय दुमका का स्थापना दिवस समारोह सादगीपूर्ण रूप में बुधवार को मनाया गया। इस दौरान महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास पर चर्चा की गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने महाविद्यालय के संस्थापक लाल बाबा हेंब्रम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य ने बताया कि इस महाविद्यालय का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। वे स्वयं यहां के छात्र भी रहे हैं। महाविद्यालय के 66 साल की यात्रा पर प्रकाश डालते कहा कि यह महाविद्यालय न केवल संतालपरगना क्षेत्र के लोगों के लिए बल्कि पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए भी अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक कलेवर के कारण आकर्षण का केन्द्र रहा है। आज यहां सामान्य शिक्षा व्यवसायिक शिक्षा, शिक्षा संकाय बीसीए बीबीए ला एवं स्नातकोत्तर तक की शिक्षा दिलाई जा रही हैमहाविद्यालय की स्थापना 2 सितम्बर 1954 में हुई थी।

डॉ. संजीव कुमार ने महाविद्यालय की ऐतिहासिक विकास यात्रा को संक्षेप में बताया। डॉ. राजीव रंजन एवं प्रतिभा टुडू ने महाविद्यालय की स्वच्छ परीक्षा परंपरा पर प्रकाश डाला। डॉ. धनंजय कुमार मिश्र ने संताल परगना के आध्यात्मिक परिवेश पर प्रकाश डाला। डॉ. एस टी खान ने महाविद्यालय की अनुशासनप्रियता की प्रशंसा की।डॉ. खिरोधर प्रसाद यादव ने महाविद्यालय के विकास क्रम को विस्तार से बताया। मंच संचालन डॉ. यदुवंश ने किया।

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