इंसानों के साथ कबूतर भी बना कांवरिया, सिवान के सुरेंद्र ने कराया गंगा स्नान और बाबा बासुकीनाथ के दर्शन
श्रावणी मेला में बिहार के सिवान से आए एक अनोखे कांवरिया, एक कबूतर ने सबका ध्यान खींचा, जिसने अपने मालिक के साथ बाबा बासुकीनाथ के दर्शन किए।

बासुकीनाथ में बिहार के सिवान के सुरेंद्र के साथ कबूतर। (फोटो जागरण)
HighLights
कबूतर ने मालिक के साथ की बाबा बासुकीनाथ की यात्रा।
सिवान के सुरेंद्र प्रसाद ने पालतू कबूतर को कराया गंगा स्नान।
श्रावणी मेला में 95 हजार से अधिक भक्तों ने किया जलाभिषेक।
जागरण संवाददाता, दुमका। श्रावणी मेला-2026 अपने पूरे रंग में है। सावन शुरू होने के साथ ही देवघर और बासुकीनाथ धाम में कांवरियों की भीड़ उमड़ रही है। 30 जुलाई से शुरू हुए एक माह के इस मेले में प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं।
इसी आस्था और भक्ति के बीच शुक्रवार को बासुकीनाथ धाम में एक ऐसा कांवरिया भी पहुंचा, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह कांवरिया इंसान नहीं, बल्कि एक कबूतर था।
बाबा बासुकीनाथ के दर्शन के लिए बिहार के सिवान जिले से पहुंचे सुरेंद्र प्रसाद अपने साथ अपने पालतू कबूतर को भी लेकर आए। सुरेंद्र ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य तीर्थयात्रा पर निकले थे। घर में पालतू कबूतर को अकेला छोड़ना उन्हें ठीक नहीं लगा। साथ ही घर में बिल्ली या किसी अन्य जानवर से उसे नुकसान पहुंचने का डर था। ऐसे में परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से कबूतर को भी अपने साथ यात्रा पर ले आए।
वाहन में बैठकर कर रहा तीर्थयात्रा
सुरेंद्र के मुताबिक, कबूतर उनके साथ वाहन में बैठकर सफर कर रहा है। यात्रा के दौरान उसे गंगा स्नान भी कराया गया। इसके बाद शुक्रवार को पूरा परिवार कबूतर को साथ लेकर बाबा बासुकीनाथ के दरबार पहुंचा और पूजा-अर्चना की।
बाबा के दर्शन के बाद सुरेंद्र और उनके परिवार के सदस्य कबूतर को लेकर अपने घर के लिए रवाना हो गए। तीर्थयात्रा के दौरान अपने पालतू कबूतर को भी साथ रखने का सुरेंद्र का यह अनोखा अंदाज श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। परिवार के लिए यह यात्रा केवल आस्था की नहीं, बल्कि अपने बेजुबान साथी के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भी मिसाल बन गई।
95826 भक्तों ने किया बाबा का जलाभिषेक
श्रावण माह के 16 वें दिन शुक्रवार को इंद्रदेव एवं सूर्य देव की कृपा के बीच कांवरियों के आने का सिलसिला अनवरत जारी है। शुक्रवार को दोपहर में दो बार रुक-रुककर हुई मूसलाधार वर्षा और दिन भर आसमान में छाए बादल के बीच फौजदारी दरबार की पावन नगरी में 95 हजार 826 कांवरियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
इसमें से 65950 श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध व्यवस्था के तहत जबकि 25965 श्रद्धालुओं ने जलार्पण काउंटर के माध्यम से जलाभिषेक किया। शुक्रवार को शाम पांच बजे तक शीघ्रदर्शनम की व्यवस्था के तहत 3911 श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, क्यू कंपलेक्स से निकलकर तारा मन्दिर चौक तक पहुंची।
मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी, पुलिस के जवान कांवरियों को कतारबद्ध व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में प्रवेश कराया एवं सुगमतापूर्वक सबों को जलाभिषेक कराया। सुबह से ही उमड़ने वाली कांवरियों की लंबी कतार दिन भर एक समान जारी रही।
3911 कांवरियों ने किया शीघ्रदर्शनम
फौजदारी बाबा के दरबार में शुक्रवार को 3911 कांवरियों ने शीघ्र दर्शन व्यवस्था के तहत 500 रुपये का कूपन कटा कर पूजन किया। कूपन धारक भक्तों को बाबा भोलेनाथ के मंदिर परिसर में विशेष गेट से प्रवेश कराया गया।
इस व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन को 19 लाख 55 हजार 500 रुपये की आय प्राप्त हुई। वहीं दान पेटी से 244380 रुपये, गोलक से 49800 रुपये, अन्य स्रोत से 10504 रुपए सहित कुल 22 लाख 60 हजार 184 रुपये की आय प्राप्त हुई।
