बासुकीनाथ में बुधवार को दुकानदारों के बीच खुशनुमा माहौल दिखा। बासुकीनाथ शिवगंगा तट के समीप दक्षिणी तट पर पीतल के बर्तन बेचने वाले दुकानदार ताड़क कुमार मोदी अपनी दुकान की सफाई में जुटे थे। ताड़क मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि लंबे समय के बाद बासुकीनाथ मंदिर खुलने की सूचना मिली है। इसलिए दुकान की सफाई कर रहे हैं। शिवगंगा के पश्चिमी-दक्षिणी छोर पर खिलौनों की दुकान में बैठे अजय राव अपने दुकानों में खिलौनों को सजाते दिखे। अजय ने कहा जल्द बासुकीनाथ के कपाट खुले तो दुकान में रौनक आए। चूड़ी के बड़े व्यवसायी रवि पाल भी अपने गोदाम में अपने कर्मियों के साथ चूड़ियों को अलग-अलग साइज एवं क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग जगह रखने में व्यस्त रहे। रवि ने कहा पिछले कई महीनों से बाजार की स्थिति खराब थी। अब उम्मीद है कि बाजार में कुछ रौनक आए। बासुकीनाथ मंदिर से शिवगंगा तट जाने वाले मार्ग में छोटू लाहा भी अपने चूड़ी की दुकान को सजाने में मगन थे। सभी बेसब्री से मंदिर खुलने की का इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार के द्वारा करीब पांच महीने से अधिक समय के उपरांत गुरुवार की शाम राज्य आपदा प्रबंधन की बैठक में राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को खोल दिए जाने की घोषणा के बाद से ही बासुकीनाथ बाबा बासुकीनाथ मंदिर के पंडा-पुरोहित, स्थानीय दुकानदार, श्रद्धालुओं में खुशी है। इधर, श्रद्धालु भी मंदिर खुलने व दर्शन पूजन को लेकर बेचैन हैं।

---

क्या कहते है पंडा-पुरोहित, श्रद्धालु व दुकानदार

---.

राज्य सरकार के द्वारा धार्मिक स्थल खोले जाने की घोषणा से काफी राहत मिली है। मंदिर बंद रहने से आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गई थी। अब मंदिर खुलने से निश्चित तौर पर राहत मिलेगी।

दीपक नाग, दुकानदार

--

स्थानीय दुकानदार, मंदिर से जुड़े पंडा-पुरोहितों के समक्ष जहां आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है, वहीं बाबा बासुकीनाथ के देश-विदेश में रहने वाले भक्त भी दर्शन पूजन से वंचित हैं। सरकार के द्वारा मंदिर खोले जाने की घोषणा से काफी राहत मिली है।

उत्तम कुमार मोदी, दुकानदार

--.

राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं। बासुकीनाथ मंदिर के भरोसे ही इस क्षेत्र की पूरी अर्थव्यवस्था है। दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पर्व के पूर्व मंदिर खोल दिए जाने की घोषणा से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है।

ताड़क मोदी, दुकानदार

---.

सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए बासुकीनाथ मंदिर को खोला जाए तो निश्चित तौर पर यहां के बाजार में भी कुछ रौनक आएगी एवं हम लोगों को भी कुछ दुकानदारी होगी और थोड़ी राहत मिलेगी।

छोटू लाहा, दुकानदार

---.

मन्दिर नही खुलने से स्थानीय सभी वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। सीमित संख्या में ही सही लेकिन श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन की अनुमति मिलने से बाजार में थोड़ी रौनक जरूर आएगी।

अजय राव, चूड़ी दुकानदार

--.

करीब पांच महीने से अधिक समय से बासुकीनाथ मंदिर बंद है। बासुकीनाथ मंदिर बंद रहने का सीधा असर यहां के बाजार एवं व्यवसाय पर पड़ता है। अब थोड़ी राहत मिलेगी।

रवि पाल, चूड़ी के अधिकृत विक्रेता

---.

बासुकीनाथ मंदिर के भरोसे रहने वाले सभी वर्ग के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब बासुकीनाथ मंदिर खोलने की घोषणा से काफी प्रसन्नता महसूस हो रही है।

कुंदन लाहा, चूड़ी व सौंदर्य प्रसाधन सामग्री विक्रेता

----------------

Edited By: Jagran