संवाद सहयोगी, बासुकीनाथ: योगेश्वरनाथ मंदिर में शिव विवाह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुरुवार को शिव विवाह की तैयारियों के मद्देनजर ग्रामीणों की बैठक मंदिर परिसर में हुई। इस दौरान तय किया गया कि इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार भव्य तरीके से शिव विवाह उत्सव का आयोजन किया जाएगा। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने इस पर सामूहिक सहमति दी। जामधारा सहित आसपास के दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने बैठक में भाग लिया।

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100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है बाबा योगेश्वरनाथ मंदिर: बासुकीनाथ से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर भोड़ाबाद पंचायत के जामधारा गांव में पहाड़ी पर स्थित बाबा योगेश्वरनाथ क्षेत्र के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। वर्ष भर यहां श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। करीब एक किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में छोटी-बड़ी पहाड़ियों से घिरे जमीन से करीब 100 मीटर ऊंचाई पर स्थित है बाबा योगेश्वरनाथ मंदिर। इसकी महिमा काफी प्रसिद्ध है। यहां शिवरात्रि के अलावा श्रावण मास, माघी पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा सहित वर्ष के सभी पूर्णिमा के अलावा कमोबेश यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर एवं माघी पूर्णिमा के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटती है व भव्य मेले का भी आयोजन होता है। महाशिवरात्रि में यहां परंपरा के अनुसार शिव पार्वती का विवाह भी संपन्न होता है। शिक्षाविद अर्जुन राय, दुर्गा राय की मानें तो यह मंदिर करीब सैकड़ों वर्ष पुराना है।

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जीर्णोद्धार की जोह रहा बाट: भोड़ाबाद पंचायत के जामधारा गांव में पहाड़ी पर स्थित बाबा योगेश्वरनाथ मंदिर जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा है। भाजपा के स्थानीय पूर्व विधायक सह तत्कालीन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद द्वारा यहां पहाड़ी तक जाने के लिए सीढि़यों का निर्माण एवं बाद के वर्षों में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय के समय में दो यात्री शेड का निर्माण किया गया था। वहीं सारठ क्षेत्र के विधायक सह पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह द्वारा भी यहां विकास के कई कार्य किए गए हैं।

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ऐसे पहुंचे बाबा योगेश्वरनाथ मंदिर: दुमका-देवघर मुख्य मार्ग एनएच 114 ए पर जरमुंडी बजरंगबली मोड़ से कटहरा अंबा बिहाजोरी के रास्ते मुख्य सड़क मार्ग से एवं बासुकीनाथ-हरिपुर मुख्य सड़क मार्ग के रास्ते यहां पहुंचा जा सकता है। यहां पहुंचने के लिए आधी दूरी तक सड़क मार्ग काफी अच्छा है, लेकिन अंबा बिहाजोरी से मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क काफी जर्जर हो गई है। इसके कारण यात्रियों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने इस सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की है।

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