जागरण संवाददाता, दुमका : भागलपुर से कोलकाता जा रही पगला बाबा की कृष्णा-रजत बस में 27 अगस्त को मसानजोर के बागनल गांव के समीप लूटपाट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 35.50 लाख रुपये, तीन कार, दो मोबाइल समेत दो तमंचे बरामद किए गए।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बस के माध्यम से भागलपुर से पश्चिम बंगाल रुपये भेजे जा रहे थे। ये रुपये हवाला के थे। उस घटना में एक करोड़ से अधिक की राशि लूटी गई थी। सोमवार को एसपी वाईएस रमेश ने बताया कि वारदात के दूसरे दिन दुमका के हंसडीहा निवासी बस चालक लक्ष्मण महतो के बयान पर मसानजोर थाने में ढाई लाख की लूट का मामला दर्ज किया गया था। जांच में पाया गया कि लूट की रकम एक करोड़ से अधिक थी। ये रुपये भागलपुर के कुछ व्यवसायियों ने बस चालक को पश्चिम बंगाल पहुंचाने के लिए दिए थे। पुलिस ने बांका के पंजवारा निवासी रौशन सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर मुंगेर के गंगटी मिलकी गांव के प्रशांत सिंह को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ में उसने सच्चाई उगल दी। बस चालक पहले से ही पुलिस हिरासत में था। चौथे लुटेरे जमुई के सौरभ सिंह को गिरफ्तार किया गया। इन चारों से पूछताछ की गई तो प्रशांत ने बताया कि भागलपुर के ही कुछ व्यवसायियों ने चालक को रुपये पश्चिम बंगाल पहुंचाने के लिए दिए थे। इसके एवज में उसे हर एक लाख पर चार सौ रुपये कमीशन के तौर पर दिए जाते थे। ड्राइवर का लालच बढ़ता गया और उसने इन लोगों से संपर्क किया। घटना को अंजाम देने से पहले चालक के साथ अपराधियों ने मसानजोर इलाके की रेकी की थी। बस चालक ने जिन लोगों का पैसा होने की बात कही है, उन्हें पुलिस नोटिस भेजकर दुमका बुलाया गया है।

यात्रियों से लूटे गये थे ढाई लाख रुपये : शातिरों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यात्रियों से महज ढाई लाख रुपये लूटे थे। बाकी लूटे गए रुपये भागलपुर के व्यवसायियों के थे। इस घटना में 14 अपराधी शामिल थे। अन्य दस लुटेरों की तलाश जारी है।

लूट में तीन कार का हुआ इस्तेमाल : लूटकांड के लिए स्कॉíपयो के अलावा दो कार का उपयोग किया गया था। सभी गाड़ियां लुटेरों की थीं। वारदात के बाद सभी हंसडीहा के महादेव गढ़ के पास इकट्ठा हुए थे। साथ ही लूटे हुए मोबाइल फोन को झाडि़यों में फेंक कर भाग गए थे।

पैसा हवाला कारोबारियों का : एसपी ने बताया कि भागलपुर के कुछ व्यापारियों ने चालक को एक करोड़ से अधिक रुपये पश्चिम बंगाल पहुंचाने के लिए दिए थे। चालक पहले भी कमीशन के आधार पर रुपये पश्चिम बंगाल पहुंचा चुका था। पुलिस ने हवाला के संदेह पर जांच शुरू की है। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की मदद ली जाएगी।

Posted By: Jagran

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