यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दुमका में मनीषा हत्याकांड का खुलासा, सौतन ने रास्ते से हटाने के लिए दी थी 2 लाख की सुपारी, 3 आरोपी गिरफ्तार
झारखंड में दुमका नगर थाने के रसिकपुर स्थित श्रृंगार ब्यूटी पार्लर की संचालिका मनीषा कुमारी हत्याकांड का खुलासा हो गया ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, हंसडीहा/ दुमका: झारखंड में दुमका नगर थाने के रसिकपुर स्थित श्रृंगार ब्यूटी पार्लर की संचालिका मनीषा कुमारी हत्याकांड का खुलासा हो गया है।
हत्या की साजिश पति की पहली पत्नी आशा देवी ने सुपारी किलर के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने रविवार को हत्या के बाद मुख्य साजिश कर्ता आशा , उसके भतीजा पीतांबर मंडल व अपराधी मुमताज अंसारी को गिरफ्तार किया है।
आशा के पति प्रकाश मंडल के खिलाफ ठोस प्रमाण नहीं मिलने की वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। हत्या प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने जरमुंडी के पास से जब्त किया है।
कार जरमुंडी के किसी व्यक्ति की बताई जा रही है। हत्या में शामिल कार का चालक व एक बाइक सवार अभी फरार है।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
मंगलवार को हसंडीहा थाने में एसडीपीओ शिवेंद्र ने बताया कि प्रकाश उर्फ जयप्रकाश मंडल ने पत्नी आशा देवी के रहते हुए ब्यूटीशियन मनीषा से शादी कर ली थी। मनीषा का अपने पहले पति से तलाक हो चुका है।
जयप्रकाश मनीषा की सुंदरता पर इस कदर फिदा था कि उसे रानी की तरह बनाकर रखने लगा। इसी दरम्यान मनीषा गर्भवती हो गई।
प्रकाश ने मनीषा को आश्वासन दिया था कि उसे जल्द ही अपने घर ले जाएगा। इधर,मनीषा के गर्भवती की जानकारी जब आशा को लगी तो लगा कि मनीषा का बच्चा उसके पति की संपत्ति पर आधा अधिकार जमा लेगा।
आशा ने भतीजे पीताम्बर मंडल के साथ मिलकर अपराधी मुमताज अंसारी के सहयोग से मनीषा को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
हत्या के लिए दो लाख में तय हुआ सौदा
हंसडीहा में जयप्रकाश मंडल की पहली पत्नी आशा देवी ने कांट्रेक्ट किलर मुमताज अंसारी के साथ दो लाख में मनीषा को मारने का सौदा तय किया।
आशा ने बीस हजार रुपये एडवांस में दिए। हत्या से पूर्व अपराधियों ने मनीषा के रसिकपुर स्थित किराए के मकान की रेकी की।
शनिवार की सुबह मनीषा को मसानजोर डैम घुमाने की बात कह चार लोग गए, जिसमें पीताम्बर मंडल, मुमताज अंसारी व कार का चालक शामिल था। मनीषा को कार से मसानजोर ले गए।
पीताम्बर की थी मनीषा से पहचान
पीताम्बर को मनीषा जानती थी, इसलिए वह भी जाने को तैयार हो गई। चारों अपराधी के साथ दिनभर मसानजोर घूमने के बाद रात में वापस दुमका लौटे और पुलिस लाइन के आगे रिया रमन होटल में एक साथ खाना खाया।
इसके बाद अपराधियों ने मनीषा को हंसडीहा चलने की बात कही। इस क्रम में दुमका से नोनीहाट के बीच कार की पिछली सीट पर मनीषा के साथ बैठे मुमताज ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी।
कार के साथ-साथ एक अन्य अपराधी बाइक से चल रहा रहा था। वह रास्ते मे पुलिस चेकिंग आदि देख रहा था। पुलिस ने उद्भेदन के लिए तकनीकी सेल व फोरेंसिक टीम की मदद ली। जब्त कार की पिछली सीट पर गोली के निशान और खून के धब्बे की जांच फोरेंसिक टीम से कराई जाएगी।
क्या-क्या हुआ बरामद
अपराधियों द्वारा घटना में प्रयुक्त हरे रंग की फोर्ड फिगो कार, मनीषा का पर्स, खून से सना दुपट्टा, सेंडिल आदि।
