दुमका : दुमका इंजीनिय¨रग कॉलेज के समेस्टर दो, चार और छह के छात्रों ने मंगलवार से शुरू हो रहे परीक्षा का बहिष्कार कर दिया है। इस मामले में परीक्षार्थी छात्रों की दलील है कि उनलोगों का पाठ्यक्रम पूरा कराए बगैर ही परीक्षा ली जा रही थी जिसकी वजह से छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इधर कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि छात्र नकल करने की इजाजत नहीं दिए जाने पर जमकर हंगामा करते हुए परीक्षा का बहिष्कार किए हैं। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि परीक्षा में नकल करने व मोबाइल ले जाने की इजाजत छात्रों द्वारा किया जा रहा था जिससे कॉलेज प्रबंधन ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। कॉलेज के उपप्राचार्य प्रो. रतन कुमार बोस के मुताबिक छात्रों ने परीक्षा बाधित करने की मंशा पहले से पाल रखी थी। कहा कि पाठ्यक्रम तकरीबन 90 फीसद पूरा हो चुका है। कहा कि अगर पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ था तो छात्रों को फार्म भरने के वक्त ही विरोध जताना चाहिए था। कहा कि सोमवार की देर शाम से ही छात्र प्रशासनिक भवन में आकर उनके अलावा कई फैकल्टी को

बंधक बनाकर परीक्षा में नकल करने एवं मोबाइल ले जाने की मांग को लेकर दबाव बना रहे थे। इस दौरान छात्रों ने न सिर्फ कॉलेज परिसर के बिजली आपूíत को बाधित कर रखा था बल्कि उनका यह भी कहना था कि वे परीक्षा के लिए तयशुदा

सी¨टग व्यवस्था को भी नहीं मानेंगे। वे अपने मन मुताबिक सीट पर बैठकर ही परीक्षा देंगे। जब कॉलेज प्रबंधन ने उनकी मांगों को सिरे से ठुकरा दिया तब भी छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मंशा को भांपते हुए सोमवार की रात तीन बजे पुलिस को बुलाया गया तब जाकर उनके अलावा सभी फैकल्टी अपने घर लौटे। कहा कि मंगलवार की सुबह जब समेस्टर दो और छह की परीक्षा शुरू हुई तो कुछ छात्र परीक्षा देना चाह रहे थे लेकिन उनके साथियों ने इन्हें न सिर्फ परीक्षा देने से रोका बल्कि फैकल्टी के साथ बदसलूकी की। गाली-गलौज किया और धक्का-मुक्की करने से भी बाज नहीं आए। छात्रों की उग्रता को देखते हुए तब कॉलेज प्रबंधन की ओर से अतिरक्ति पुलिस बल मंगवा कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। इधर इस पूरे मामले की सूचना मिलने पर सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के प्रोवीसी, डीएसडब्ल्यू डॉ. गौरव गांगुली, परीक्षा पर्यवेक्षक डॉ. अवध प्रसाद, परीक्षा नियंत्रक डॉ. दिलीप कुमार भी कॉलेज पहुंचे और उग्र छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र उनकी बातों को सुनने को तैयार नहीं थे। वे कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मात्र 20 फीसद पाठ्यक्रम पूरा किए जाने की बात को दोहराते रहे। उप प्राचार्य रतन कुमार बोस ने कहा कि छात्रों की मंशा को देखते हुए विवि प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से होनेवाली तमाम परीक्षाओं को अगले आदेश स्थगित कर दिया है। कहा कि कॉलेज प्रबंधन भविष्य में भी कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजित कराने को लेकर गंभीर है। किसी भी सूरत में परीक्षा में नकल की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बहरहाल इस पूरे प्रकरण के बाद कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और कॉलेज प्रबंधन उन छात्रों को चिह्नित करने में लगी है जो इस पूरे प्रकरण में अगुवा की भूमिका निभा रहे थे।

Posted By: Jagran