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जागरण संवाददाता, दुमका : यज्ञ मैदान में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा का रविवार को समापन हो गया। पंडित शिवम विष्णु पाठक ने मित्र की महत्वता का बखान करते हुए कहा कि सुदामा वह है जिसका दामन सुन्दर है। सुदामा वह है जिसके दामन को सुन्दरेश्वर प्रभु ने थाम रखा है। इस संसार में मित्र का होना अति आवश्यक है। सच्चा मित्र बड़े भाग्य से मिलता है। 24 गुरू का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने बताया कि जिससे हमें शिक्षा मिले वही गुरू। यजमान परिवार ने व्यास मंच का पूजन किया। कथा व्यास ने समिति के सभी सदस्य गण का आभार व्यक्त किया। दुमका वासियों का स्नेह बना रहे यह कामना की। पिता विष्णु पाठक के मित्र चन्द्र हास टिबडे़वाल का भी आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी दिलीप शर्मा ने बताया कि 20 जनवरी को 10 बजे से यज्ञ मैदान में हवन यज्ञ होगा और इसके बाद भागवत की विदाई यात्रा कथा स्थल से छोटी ठाकुर बाड़ी तक जाएगी।

Posted By: Jagran

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