दुमका : बहन के साथ संबंध से नाराज प्रेमिका के भाईयों ने रविवार की रात रफीक साई (22) नामक युवक की हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। इधर मृतक के बड़े भाई की सबीर साई की सूचना पर सोमवार को पुलिस न शव को कब्जे में लेने के बाद सोमवार की शाम प्रेमिका के दो भाई कपिल देव व वीरेंद्र देहरी को धर दबोचा। इसकी निशानदेही पर बुधवार की सुबह तीसरे आरोपी सामु देहरी को भी गिरफ्तार किया गया। कपिलदेव आपराधिक प्रवृत्ति का युवक है। सबीर ने इन तीनों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

मृतक रफीक पाकुड़ के महेशपुर स्थित धनजोड़ी गांव का रहने वाला था। उसका एक पहाड़िया युवती के साथ एक वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस दौरान रफीक कई बार अपनी प्रेमिका का गांव पहुंचकर वह उससे मिलते जुलते रहता था। जब इस बात की जानकारी युवती के भाईयों को हुई तो उन्होंने उसे मौत के घाट उतारने का निर्णय लिया।

रविवार को कपिलदेव ने बहन से कहा कि वह फोन कर रफीक को घर बुलाए। प्रेमिका के बुलावे पर वह रविवार की दोपहर गांव पहुंच गया। जहां तीनों युवकों ने उसके साथ पहले जमकर शराब पी। इसके बाद देर शाम को कपिलदेव ने अपनी बहन से कहा कि वह रफीक को साथ ले जा रहा है, उसे घर पहुंचा देगा। इसके बाद सभी उसे नदी किनारे ले गये। जहां पहले रफीक को बेरहमी के साथ पिटाई की गई। उसके बाद उसके सिर के पिछले हिस्से को पत्थर से कूचकर मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया। लेकिन नदी का बहाव कम होने के कारण शव ओड़मो घाट से 200 मीटर दूर जाकर फंस गया।

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प्रेमिका ने दी प्रेमी के साथी को हत्या की जानकारी

रफीक की हत्या करने के बाद जब आरोपित भाई वापस घर लौट तो प्रेमिका ने रफीक के ही मोबाइल से उसके साथी को फोन कर बताया कि रफीक को उनके भाई और बाकी लोग नदी किनारे लेकर गए थे, लेकिन अभी तक वह वापस नहीं आया है। अंदेशा है कि रफीक की हत्या कर दी गई है। रफीक के साथी ने मामले की जानकारी उसके परिवार के सदस्यों को दी और अमड़ापाड़ा थाना लेकर गये। हालांकि वहां पुलिस अपना क्षेत्र न होने का हवाला देकर गोपीकांदर थाने भेज दिया। परिवार के सदस्यों ने बगैर देर किए गोपीकांदर थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। जिसके बाद गोपीकांदर पुलिस ने चौकीदार के माध्यम से मामले की जानकारी ली। गोपीकांदर पुलिस सोमवार की सुबह मधुबन गांव पहुँची और छानबीन शुरू की। आरोपितों ने स्वीकार की हत्या की बात

आरोपितों ने स्वीकार किया है कि रफीक की हत्या तीनों ने मिलकर की है। बताया कि रफीक रविवार को उसकी बहन से मिलने गांव पहुंचा था। यहां लोगों ने एक साथ मिलकर जमकर शराब पी और चारों साथ में ही नदी के समीप पहुंचे थे। रास्ते में कपिलदेव ने रफीक को कहा कि तुम दूसरे समुदाय से हो जबकि उसकी बहन पहाड़िया समुदाय से है। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कपिलदेव ने सामने पड़ा पत्थर उठाकर रफीक के सिर को कूच दिया। जिसके बाद रफीक बेहोश होकर गिर गया। फिर तीनों रफीक को मरा हुआ समझकर जंगल में छोड़कर घर आ पहुंचे। शाम को फिर जाकर रफीक के शव को नदी में फेंक दिया।

Posted By: Jagran

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