संवाद सहयोगी, बासुकीनाथ (दुमका): समाज की दिशा और दशा बदलने में शिक्षक महती भूमिका निभाते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उन्हें इस दायित्व का निर्वहन सफलतापूर्वक निभानी चाहिए। यह बातें बतौर मुख्य अतिथि कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने बासुकीनाथ के नावाडीह स्थित झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ भवन में सोमवार की शाम आयोजित कार्यक्रम में कही।

वे शिक्षक भवन में स्व. भुवनेश्वर मांझी की पुण्यतिथि पर सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। बादल ने कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी शिक्षक को भगवान से ऊपर का दर्जा दिया गया है। इस दौरान सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को अंग वस्त्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। बतौर विशिष्ट अतिथि राज्यसभा के पूर्व सदस्य अभयकांत प्रसाद, विशिष्ट अतिथि संघ के महासचिव चक्रधर यादव, संगठन के जिला प्रधान सचिव सुरेश प्रसाद राउत, सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक सह शिक्षक प्रतिनिधि महेंद्र यादव मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के प्रमंडलीय प्रधान सचिव महेश्वर राणा ने किया। मंच संचालन नीलम कुमार झा ने किया। मौके पर धनंजय कुमार, कृष्ण कुमार झा, सत्यनारायण यादव, राजेंद्र प्रसाद साह, अंजनी चौधरी, ऑगस्टिन हांसदा, दिनेश प्रसाद यादव, सीताराम सिंह, जितेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र कुमार झा, विनोद शर्मा, अनिल कुमार शाही, दिवाकर यादव, कोकिल मंडल, मुरारी सिंह, कौशल रंजन समेत कई मौजूद थे।

इन्हें किया गया सम्मानित: मौके पर दिवाकर प्रसाद यादव, रमेश मसात, हेना चक्रवर्ती, प्रदीप कुमार सिन्हा, विनोद प्रसाद यादव, राम दुलारी कुमारी, दिलीप साह, राम प्रवेश सिंह, श्यामाचरण झा को उपस्थित कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी व सदस्यों के द्वारा अंग वस्त्र, उपहार व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

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