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जर्जर भवन, गंदा पानी और 150 छात्रों पर सिर्फ 2 शौचालय... दुमका में छात्रों ने प्रशासन को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

Published: Fri, 14 Aug 2026 02:19 PM (IST)

दुमका के आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर उपायुक्त को आवेदन दिया है। ...और पढ़ें

दुमका छात्रावास में छात्रों का अल्टीमेटम, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आंदोलन की चेतावनी

दुमका छात्रावास में छात्रों का अल्टीमेटम, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आंदोलन की चेतावनी

HighLights

  1. 150 छात्रों के लिए मात्र दो शौचालय उपलब्ध हैं।

  2. जर्जर भवन, गंदा पानी और गंदगी से छात्र परेशान हैं।

  3. सात दिन में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

जागरण संवाददता, दुमका। आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास संख्या एक में मूलभूत सुविधाओं के अभाव सह रहे छात्रों का सब्र गुरुवार को जवाब दे गया। लगभग 150 छात्रों ने सुविधाओं की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन दिया और कहा कि अगर सात दिन में समस्या का सुधार नहीं हुआ तो वे बाल्टी व बर्तन के साथ आंदोलन के लिए विवश होंगे।

छात्रों ने बताया कि 150 छात्रों के लिए मात्र दो शौचालय है। नियमित एवं स्वच्छ पेयजल की कमी है। छात्रावास परिसर में गंदगी है और जर्जर भवन के कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर परिषद द्वारा समय पर पानी की आपूर्ति नहीं की जाती और जो पानी दिया जाता है वह गंदा रहता है। मजबूरी में पीना पड़ता है। शौचालय का सेप्टिक टैंक पूरी तरह भर चुका है, जिससे गंदा पानी परिसर में फैलने और संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

पर्याप्त रसोइया एवं भोजन व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें स्वयं दो वक्त का भोजन पकाना पड़ता है। जलावन की लकड़ी के लिए छात्रों को छात्रावास से लगभग 50 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

छात्रावास भवन की स्थिति भी जर्जर है। मरम्मत के नाम पर केवल रंगाई-पुताई किए जाने से भवन की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।

अगुवाई कर रहे झारखंड क्रांति सेना के निखिल मुर्मू ने उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए छात्रावास की सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने व समस्याओं का अधिकतम एक सप्ताह के भीतर समाधान कराने की मांग की है।

पर्याप्त शौचालय, स्वच्छ पेयजल, सेप्टिक टैंक की सफाई, रसोइया एवं भोजन की व्यवस्था, परिसर की नियमित सफाई, भवन का वास्तविक जीर्णोद्धार सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

जिला कल्याण पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी मिलकर इन समस्याओं को लेकर अवगत कराया। पदाधिकारी ने तत्काल शौचालय की सफाई, पेयजल की समुचित व्यवस्था और बाकी समस्याओं का सप्ताह भर के अंदर निदान करने का आश्वासन दिया।

छात्रों का कहना है कि छात्रावास पढ़ने वाले विद्यार्थियों का आश्रय स्थल है, इसलिए उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखना उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा के साथ गंभीर अन्याय है। अगर सुधार नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा।

मौके पर बहादुर मुर्मू, अम्पाय हेंब्रम,मनोज, राजा, परफेक्ट अनुज मुर्मू, परफेक्ट विनोद, सोमलाल, अनस, प्रदीप, महेश, पत्रस, संजय, रवि, महेश्वर, वीरेंद्र, पप्पू, सुमित, पत्रस, इस्माइल, अजीत, रमेश, रमेश, राजू, विनोद, अमन, आर्यन, आनंदमंटू,अभिषेक, डेविड,अभिषेक,संदीप, अरविंद,अंकित आदि मौजूद थे।