दुमका में कोल कंपनी और ग्रामीणों के बीच समझौता विफल, खनन कार्य रुका
गोपीकांदर के ओडमो पंचायत में कोल ब्लॉक से प्रभावित कुंडापहाड़ी, माहुलडाबर और चिरुडीह गांवों के रैयतों और ग्राम प्रधानों ने खनन कार्य रोक दिया है।

समझौता रहा विफल। (जागरण)
HighLights
कोल कंपनी और ग्रामीणों के बीच वार्ता असफल रही।
ग्रामीणों ने खनन कार्य को पूरी तरह रोक दिया।
कंपनी ने पुराने समझौतों को मानने से इनकार किया।
संवाद सूत्र, गोपीकांदर (दुमका)। ओडमो पंचायत के कोल ब्लॉक से प्रभावित होने वाली कुंडापहाड़ी, माहुलडाबर और चिरुडीह गांव के रैयत और ग्राम प्रधानों के बीच शुक्रवार को बैठक हुई।
रैयतों ने कई प्रस्तावों पर मुहर लगाने की मांग को लेकर कंपनी के अधिकारियों को बुलाया था। कई घंटों तक चली वार्ता के बाद भी ग्रामीणों की मांग को कंपनी के अधिकारियों ने सहमति देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने खनन कार्य को रोक लगा दिया है।
कुंडापहाड़ी, माहुलडाबर और चिरुडिह के ग्राम प्रधानों ने बताया कि वर्ष 2023 में नवेली उत्तर प्रदेश पॉवर लिमिटेड कंपनी ने तीनों गांव में खनन कार्य को लेकर सर्वे किया था।
सर्वे में कई तरह के कार्यों और जीविकापार्जन को शामिल किया गया था। इसी में तीनों गांव के 18 वर्ष से अधिक आयु वाले युवती और युवकों का सर्वे किया गया था।
आवास के बदले 25 लाख
इन सभी को आवास के बदले 24 लाख रुपये और कंपनी में रोजगार सहित पढ़ाई लिखाई की खर्च देने की बात कही गई थी। युवक को नौकरी और युवतियों को उसके बदले में पैसे देने की मांग शामिल था।
कंपनी ने कई युवक और युवतियों को पढ़ाई के लिए पैसे दिए। वर्तमान में इसी नियम को कंपनी के अधिकारियों ने मानने से इनकार कर दिया है। फिलहाल कंपनी के अधिकारियों ने युवक और युवतियों को पुनः सर्वे कराने ओर उनके मांगों को खारिज कर दिया है।
इस दौरान कुंडापहाड़ी ग्राम प्रधान शिवधन हेंब्रम, माहुलडाबर ग्राम प्रधान विनज हांसदा और चिरुडीह ग्राम प्रधान दूरबीन मुर्मू सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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