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दुमका में देवदूत बने 108 एंबुलेंस ड्राइवर, आधा किलोमीटर खाट पर उठाकर गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल

Published: Fri, 24 Jul 2026 06:25 AM (GMT+05:30)

दुमका के गोपीकांदर में एक एंबुलेंस चालक ने सड़क न होने पर गर्भवती महिला को खाट पर उठाकर आधा किलोमीटर तक पहुंचाया, जिससे अस्पताल में उसका सुरक्षित प्रसव हो सका।

खाट पर लादकर गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक ले जाते एंबुलेंस के ड्राइवर सुशील मुर्मू व अन्य। जागरण

खाट पर लादकर गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक ले जाते एंबुलेंस के ड्राइवर सुशील मुर्मू व अन्य। जागरण

HighLights

  1. एंबुलेंस चालक ने गर्भवती को खाट पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया।

  2. सड़कविहीन गांव से महिला को सुरक्षित अस्पताल ले जाया गया।

  3. चालक की कर्तव्यनिष्ठा से महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ।

संवाद सूत्र, गोपीकांदर दुमका। दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड के दुर्गम जाड़ोपानी गांव में 108 एंबुलेंस चालक ने संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।

गुरुवार को पहाड़िया टोला की गर्भवती महिला रिंकी कुमारी को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस पहुंची, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण वाहन केवल प्रधान टोला तक ही जा सका।

बारिश के कारण पहाड़िया टोला तक पहुंचना और भी मुश्किल था। ऐसे में एंबुलेंस चालक सुशील मुर्मू और उपचालक पैदल पहाड़िया टोला पहुंचे।

खाट पर लादकर लाया गया आधा किलोमीटर

ग्रामीणों से मदद की अपील के बावजूद कोई आगे नहीं आया। इसके बाद दोनों ने गर्भवती महिला को खाट पर लादकर करीब आधा किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर प्रधान टोला तक पहुंचाया।

वहां से एंबुलेंस के जरिए उसे गोपीकांदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में रिंकी कुमारी का सुरक्षित प्रसव कराया गया, जहां उसने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।

चालक सुशील मुर्मू की तत्परता और मानवता की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने कर्तव्य से बढ़कर कार्य करते हुए इंसानियत की मिसाल पेश की है।

वहीं, यह घटना दुर्गम गांवों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति की भी पोल खोलती है।

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