दुमका, जागरण संवाददाता। आमतौर पर डॉक्टर रेट्रो पॉजिटिव महिला का ऑपरेशन तो दूर हाथ तक लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। इन सब बातों को दरकिनार कर फुलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दो समेत तीन चिकित्सकों ने जान की परवाह नहीं करते हुए महिला का सफल ऑपरेशन किया। अस्पताल के इतिहास में यह शायद पहली बार संभव हुआ है। महिला और उसकी बेटी पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

दरअसल महिला और उसका पति दोनों एड्स के बाद रेट्रो पॉजिटिव से संक्रमित हैं। मंगलवार को प्रसव पीड़ा की वजह से महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि महिला पहले एचआइवी से संक्रमित है। डॉक्टर रविरंजन ने इसकी जानकारी उपायुक्त रविशंकर शुक्ला, सिविल सर्जन बच्चा प्रसाद सिंह और अस्पताल के अधीक्षक डा. अनुकरण पूर्ति को दी।

अस्पताल में की गई सारी व्यवस्था

उपायुक्त के निर्देश पर ऑपरेशन करने के लिए अस्पताल में ही सारी व्यवस्था की गई। डॉक्टर रवि रंजन और मनोज गुप्ता को ऑपरेशन का दायित्व मिला। ऑपरेशन से पहले एक यूनिट रक्त की आवश्यकता महसूस हुई तो डॉक्टर कुणाल पांडे से संपर्क किया गया। डा. कुणाल ने जटिल आपरेशन की गंभीरता को देखते हुए ब्लड बैंक से निशुल्क एक यूनिट रक्त भी दिया।

डॉक्टरों की टीम ने किया ऑपरेशन

डॉक्टरों ने सिजेरियन सेफ किट पहनकर महिला का ऑपरेशन किया। इसमें जीएनएम मेरीनीला मुर्मू, पंकजिनी सोरेन, बेबी टुडू, मिनी टुडू और बबलू ने टीम का साथ दिया। डॉ. रविरंजन ने बताया कि महिला एक प्रखंड की रहने वाली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे ऑपरेशन के लिए यहां रेफर किया गया था।

जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य

इस तरह के ऑपरेशन में संक्रमित होने का खतरा रहता है। इसलिए पूरी सावधानी के साथ महिला का ऑपरेशन किया गया। महिला दोनों में से या तो अपना या फिर बाजार का ही दूध बच्ची को पिला सकती है। इसमें डॉ. कुणाल पांडे के अलावा प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। मां बेटी दोनों पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।

Edited By: Rohit Kumar Mandal

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