संवाद सहयोगी, बासुकीनाथ (दुमका)। विश्व प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ के दरबार में माघ यानी शिव चतुर्दशी पर शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। ग्रामीण, पंडा-पुरोहित और दूर दराज से आए भक्तों ने नियम निष्ठा के साथ पूजन और उपवास किया। माघ चतुर्देशी पर करीब 25 हजार भक्तों ने पूजा-अर्चना की।

माघ मास, शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा काफी पुण्यदायक है। इस मौके पर विभिन्न जगहों से आए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की।

आज बासुकीनाथ में उमड़ेगी भक्तों की भीड़

रविवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर बासुकीनाथ में आस्था का जनसैलाब उमड़ेगा। मंदिर प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर करीब 70 हजार से लेकर 80 हजार के करीब भक्तों की भीड़ होने का अनुमान है। पूर्णिमा के दिन रविवार को भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए शनिवार की शाम से ही दूर दराज से भक्तों के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया।

बासुकीनाथ के अधिकांश धर्मशाला और आवासीय होटल एडवांस में बुक हो चुके थे। वहीं, पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार की देर रात दर्जनों भक्तों के द्वारा श्रृंगार-पूजन कराया जाएगा। बासुकीनाथ मंदिर प्रभारी सह बासुकीनाथ नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष ओझा ने बताया कि पूर्णिमा के अवसर पर उमड़ने वाली भीड़ को लेकर मंदिर प्रबंधन ने सभी आवश्यक तैयारी की है। 

पुलिस प्रशासन अलर्ट

बताया कि भीड़ को लेकर रविवार को अहले सुबह मंदिर के कपाट खोल दिए गए। जबकि रात्रि आठ बजे तक जलाभिषेक होगा। जरमुंडी थाना के पुलिस निरीक्षक सह थानेदार दयानंद साह ने बताया कि रविवार को माघी पूर्णिमा को उमड़ने वाली भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। मंदिर परिसर के अलावा मेला क्षेत्र में भी विभिन्न स्थानों पर पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा सादे वेश में भी विभिन्न जगहों पर पुलिसकर्मी तैनात रह कर विधि व्यवस्था पर निगरानी रखेंगे।

माघी पूर्णिमा पर आज से तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 

माघी पूर्णिमा पर काठीकुंड के बाबा सुंदर सिंह मंदिर में रविवार से तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन होगा। लगातार 22 साल से इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन हो रहा है। इस साल भी पूजा समिति द्वारा सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। रविवार को 24 प्रहर अष्टयाम महायज्ञ का आयोजन, दूसरे दिन 24 प्रहर हरि नाम संकीर्तन होगा।

अंतिम दिन समिति की ओर से सामान्य ज्ञान व नृत्य संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। समिति के सचिव बाबूराम मंडल ने बताया कि सुंदर सिंह भगवान घोड़े पर चलते थे, इसलिए उन्हें घोड़े विशेष प्रिय थे। इसलिए श्रद्धालु भगवान को मिट्टी का घोड़ा चढ़ाते हैं। समिति के अध्यक्ष फटिकचंद्र वर्धन,उपाध्यक्ष सुगंधी पाल,उपसचिव विवेक राजदान, कोषाध्यक्ष दीपक मंडल,सहकोषाध्यक्ष जगन्नाथ मंडल, निगरानी उदित नारायण मंडल और संदीप मंडल कार्यक्रम को भव्य बनाने में लगे हैं।

Edited By: Roma Ragini