मसलिया थाना क्षेत्र के नयाडीह पंचायत के उगनपहाड़ी गांव की सहायिका 55 वर्षीय सुरुजमुनी सोरेन की हत्या करने के लिए अपराधी रोशनदान से घुसे थे। पुलिस अभी तक हत्या की असली वजह नहीं तलाश सकी है। हत्यारों तक पहुंचने के लिए अब काल डंप का सहारा लिया जाएगा।

शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लाया गया तो, कोहराम मच गया। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटा निरंजन टुडू, बेटी अर्मिला टुडू व बहु समेत सगे संबंधियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

बेटे निरंजन ने बताया कि वर्ष 2010 में पिता के देहांत के बाद मां दो साल बाद से आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में काम करके परिवार का भरण पोषण करती रही। कभी किसी से झगड़ा झंझट नहीं किया और न ही किसी से कोई दुश्मनी थी। कोई रोशनदान से कमरे में आया और गला रेतकर चला गया। सहायिका की हत्या से गांव के लोग भी चितित हैं। किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि कोई उनकी क्यों हत्या करेगा। वहीं पुलिस हत्या की तह में जाने के लिए हर बिदु पर जांच कर रही है। कहीं ऐसा तो नहीं सहायिका पद को लेकर किसी से दुश्मनी हो। इतना ही नहीं पुलिस हत्यारों तक पहुंचने के लिए काल डंप का सहारा ले रही है। इससे यह पता चलेगा कि मरने से पहले महिला से किन लोगों ने कितनी दूरी से बात की थी। थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा ने बताया कि अज्ञात पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच के लिए तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। उम्मीद है कि कुछ न कुछ सुराग हाथ लग जाएगा।

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